भारत मां के लाल सिपाही विजय के लिए मां थी उनकी दुनिया

नई दिल्‍ली। 17 मार्च को कारगिल सेक्‍टर में आए हिमस्‍खलन में भारतीय सेना में सिपाही के पर तैनात मद्रास रेजीमेंट के विजय कुमार के का शव रेस्‍क्‍यू टीम को बर्फ में दबा हुआ मिला। विजय कुमार के शव के पास से टीम को उनकी मां की तस्‍वीर मिली जो इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि वह अपनी मां को ईश्‍वर की तरह मानते थे।

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हर किसी की आंख हो गई नम

एक आर्मी ऑफिसर ने बताया कि विजय कुमार के पास से उनकी मां की तस्‍वीर देखकर हर किसी की आंख भर आई थी।

विजय कुमार काफी खुशमिजाज व्यक्ति थे जो अपने माता-पिता से काफी प्‍यार करते थे। वह अपनी मां मुत्‍तुकुट्टी के काफी करीब थे। शहीद विजय कुमार के पिता करुथापांडियान पी एक किसान हैं।

12 फीट नीचे बर्फ में मिला विजय कुमार का शव

आर्मी की रेस्‍क्‍यू टीम को तीन दिन बाद यानी 20 मार्च को 12 फीट बर्फ के नीचे विजय कुमार का शव मिला।

रेस्‍क्‍यू टीम ने खराब मौसम की परवाह न करते हुए रेस्‍क्‍यू डॉग्‍स के साथ रडार और मेटल डिटेक्‍टर्स की मदद से सिपाही विजय कुमार को तलाशने में सफलता हासिल की थी।

तमिलनाडु के रहने वाले थे विजय कुमार

23 वर्षीय विजय कुमार तमिलनाडु तिरुनेलवेली जिले के वालारामापुरम के रहने वाले थे। उनके घर में उनके माता-पिता के अलावा दो छोटी बहनें हैं। 21 वर्ष की उम्र में वह 21 मद्रास रेजीमेंट में शामिल हुए थे। ट्रेनिंग के दौरान हर गतिविधि को उन्‍होंने काफी सक्रियता ये पूरा किया था ।

सियाचिन के बाद कारगिल में लापता आर्मी जवान

एक अधिकारी ने जानकारी दी कि हर एक्टिविटी में उनकी परफॉर्मेंस बाकी लोगों से काफी बेहतरीन थी। इस वजह से मद्रास रेजीमेंटल सेंटर में वह ट्रेनिंग के दौरान ही सबकी नजरों में चढ़ गए थे। छह सितंबर 2015 को उन्‍होंने अपनी बटालियन को ज्‍वॉइन किया था।

17,500 फीट पर थे विजय

कारगिल जाकर अपने फील्‍ड एसाइनमेंट को लेकर विजय कुमार काफी उत्‍साहित थे और वह हर चुनौती का सामना करने को तैयार थे। एक अधिकारी ने उनके बारे में बताया कि करगिल की चुनौती के लिए विजय कुमार ने खुद को मानसिक

और शारीरिक तौर पर तैयार कर लिया था। एक राइफल कंपनी में पोस्‍टेड सिपाही विजय कुमार करीब 17500 फीट की कठिन ऊंचाई पर भी देश सेवा से डिगे नहीं थे।

छह माह के लिए दुनिया से कट जाता कारगिल

आपको बता दें कि का‍रगिल सर्दियां शुरू होते ही अगले छह माह के लिए पूरी दुनिया से कट जाता है और यहां पर 10 से 15 फीट तक की बर्फ जमा हो जाती है।

दिसंबर 2015 में सिपाही विजय कुमार को इस ऊंचाई पर पोस्‍ट का जिम्‍मा दिया गया था। मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने सिपाही विजय कुमार को श्रद्धांजलि दी।

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