जम्मू-कश्मीरः फेक एनकाउंटर में आर्मी अधिकारियों को उम्रकैद
जम्मू-कश्मीर। वर्ष 2010 में आर्मी के अधिकारियों द्वारा किए गए फेक एनकाउंटर में दोषी अधिकारियों को उम्रकैद की सजा हुई है। इससे आतंकवादी समझकर मारे गए निर्दोष युवाओं के परिवार को राहत की सांस मिली है। जम्मू कश्मीर के माछिल में एक सफेद कार पर सेना के अधिकारियों ने गोलियां बरसा दी थीं। जिसमें बैठे तीन युवाओं की मौत हो गई थी।

सेना के सात जवान और दो अधिकारी फेक एनकाउंटर के दोषी बताए गए हैं। सेना ने गोलीबारी के बाद दावा किया था कि उन्होंने आतंकवादियों को मार गिराया है। लेकिन बाद में जांच में पता चला था कि मारे गए तीन युवा शहजाद अहमद खान, रियाज अहमद और मोहम्मद शाफी जम्मू कश्मीर के एक गांव के निवासी थे। जबकि उनको पाकिस्तान से आए आतंकवादी बताकर मार डाला गया था। पड़ताल में पता चला था कि यह तीन युवक अपने घर से 27 अप्रेल से गायब थे।
जानकारी के मुताबिक दोषी पाए जाने के बाद अधिकारी औऱ जवानों को मिलने वाले आर्मी और सरकारी लाभ से वंचित कर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने सेना के दोषी अधिकारियों को मिली उम्र कैद के निर्णय का स्वागत किया है। अब्दुल्लाह ने कहा है कि यह सजा भविष्य के लिए एक चेतावनी होगी।












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