Anna University Case Verdict: रेप केस में ज्ञानसेकरन को आजीवन कारावास की सजा, 11 मामलों में था दोषी करार
Anna University Case Verdict: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में अन्ना यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने राज्यभर को हिला कर रख दिया। एक युवती के साथ बलात्कार और धमकी देने के इस मामले ने ना सिर्फ छात्रों को बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया था।
महीनों की जांच, अदालत में गवाही और कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार इस चर्चित केस में बड़ा फैसला आ गया है। चेन्नई महिला अदालत ने अन्ना विश्वविद्यालय बलात्कार मामले में आरोपी ए ज्ञानशेखरन को कम से कम 30 साल के आजीवन कारावास और 90,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। महिला अदालत ने इस मामले के इकलौते आरोपी ए. ज्ञानसेकरन को 28 मई के दिन 11 गंभीर आरोपों में दोषी करार दिया था।

कोर्ट ने साफ किया था कि आरोपी ने ना सिर्फ पीड़िता के साथ बलात्कार किया, बल्कि उसे धमकाया, जबरन उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया और मानसिक प्रताड़ना दी। अदालत की जज एम. राजलक्ष्मी ने आज इस मामले में सजा सुनाई है।
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छात्रा ने महिला थाने में दर्ज कराई थी शिकायत
इस मामले की शुरुआत उस समय हुई जब पीड़िता ने कोट्टूरपुरम ऑल वूमन पुलिस स्टेशन (AWPS) में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, जब वह अपने एक पुरुष मित्र के साथ अन्ना यूनिवर्सिटी के कैंपस में मौजूद थी, तब आरोपी ज्ञानसेकरन ने उन्हें धमकाया और फिर युवती के साथ दुष्कर्म किया।
मोबाइल से रिकॉर्ड किया वीडियो
पुलिस जांच के मुताबिक, ज्ञानसेकरन ने इस घिनौने कृत्य का वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। मामला बढ़ने के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने एक ऑल वूमन स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। इस टीम ने गहन जांच के बाद फरवरी के आखिरी हफ्ते में संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने चार्जशीट दायर की थी।
महिला अदालत में चला केस, 11 धाराओं में दोषी
बाद में यह केस महिला अदालत को सौंपा गया, जहां ट्रायल की शुरुआत हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय न्याय प्रक्रिया संहिता (BNSS) की कई धाराओं में दोषी पाया। इनमें प्रमुख धाराएं हैं:
- धारा 329 (अवैध प्रवेश)
- धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना)
- धारा 87 (महिला का अपहरण)
- धारा 127(2), 75(2) और 75(i)(ii)(iii)
- धारा 76, 64(1) (बलात्कार)
- धारा 351(3), 238(b)
- आईटी एक्ट की धारा 66
- तमिलनाडु महिला उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम की धारा 4
इन सभी धाराओं में आरोपी को दोषी मानते हुए अदालत ने अंतिम फैसला सुरक्षित रखा है।
दोषी को कब और कितनी सजा मिलेगी
अब पूरे राज्य और खासकर शिक्षा जगत की नजरें 2 जून पर टिकी हैं, जब अदालत यह तय करेगी कि आरोपी को कितनी सजा दी जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आरोपी को कठोर सजा मिल सकती है। यह केस तमिलनाडु में महिला सुरक्षा और यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।
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