वाह रे बिहार! शराब तस्करी में पुलिस ने घोड़े को बनाया मुजरिम, बोतलें बरामद, असली आरोपी लापता
Bihar Bettiah News: बिहार के बेतिया जिले के नौतन थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आमजन से लेकर पुलिस महकमे तक को हैरान कर दिया है। दरअसल, यहां पुलिस ने शराब तस्करी के आरोपी के रुप में किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि एक घोड़े को गिरफ्तार किया है।
क्यों हो गए न हैरान...जी हां! ये मामला ना सिर्फ अनोखा है, बल्कि कानून के कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। यह घटना है नौतन प्रखंड के डाबरिया पंचायत स्थित बैरा परसौनी गांव की।

जहां एक शातिर शराब तस्कर ने तस्करी के लिए किसी आदमी या गाड़ी का नहीं, बल्कि घोड़े का इस्तेमाल किया। पुलिस की नजरों से पकड़े जाने के डर से मौके से भाग निकला, लेकिन बेचारा घोड़ा इंसानी चाल में फंस गया और पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
शराब के बोझ तले दबा 'बेजुबान'
खबरों के मुताबिक, पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में विदेशी शराब को एक घोड़े पर लादकर गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। सूचना पर तत्परता दिखाते हुए नौतन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही तस्कर घोड़े को वहीं छोड़ कर फरार हो गया।
घोड़े की पीठ पर चार कार्टन विदेशी शराब लदी हुई थी, जिसे पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया। अब घोड़ा नौतन थाने में 'कैद' है, जबकि असली गुनहगार पुलिस की पकड़ से बाहर है।
घोड़ा नहीं समझ पाया इंसानी चालाकी
यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है वहीं स्थानीय लोग इस घटना पर हैरानी जता रहे हैं। गांव में चर्चा है और हर तरफ एक ही सवाल पूछा जा रहा है...क्या इंसानी लालच का खामियाजा अब बेजुबान जानवरों को भुगतना पड़ेगा?
इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि तस्कर अब शराबबंदी कानून से बचने के लिए नई-नई तकनीकों और तरकीबों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें अब बेजुबान जानवर भी शामिल हो गए हैं।
Bihar पुलिस ने बताया पूरी कार्रवाई
नौतन थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई थी। गश्ती के दौरान एक घोड़े पर शराब की खेप देखी गई। तस्कर पुलिस को देखकर फरार हो गया। हमने मौके से चार कार्टन विदेशी शराब जब्त किए हैं और घोड़े को थाने लाया गया है।"
पुलिस अब तस्कर की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छानबीन कर रही है। कुछ सूत्रों का मानना है कि यह तस्कर स्थानीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो पहले भी अलग-अलग तरीकों से शराब पहुंचाता रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
इस अजीबोगरीब गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
किसी ने कहा, "अब घोड़े भी जेल जाएंगे?" तो कोई बोला, "तस्कर चालाक निकला, घोड़ा अब कोर्ट में गवाही देगा क्या?"
कानून के जानकारों की मानें तो जानवरों को अपराधी नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में जानवर को साक्ष्य के तौर पर रखा जा सकता है, लेकिन असली अपराधी इंसान ही होता है, जिसने जानवर का इस्तेमाल अपराध में किया।
Bihar में शराबबंदी में बढ़ते प्रयोग और प्रशासन की चुनौती
बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने की कोशिशों के बावजूद तस्करों की चालाकियां प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं। पहले बाइक, कार, ऑटो, नाव - और अब घोड़े तक का इस्तेमाल, ये दिखाता है कि शराब माफिया हर नई रोक का तोड़ ढूंढ़ लेते हैं।












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