आंध्र प्रदेश की जगन सरकार 9 दिसंबर से करवाने जा रही राज्य में जातिगत जनगणना
आंध्र प्रदेश में 9 दिसंबर से राज्य में व्यापक जाति जनगणना की शुरू होने जा रही है। आंध्र प्रदेश के सूचना और जनसंपर्क मंत्री सी श्रीनिवास वेणुगोपाल कृष्णा ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया सभी जातियों की गणना के लिए 9 दिसंबर को एक व्यापक जाति जनगणना आरंभ की जा रही है। वाईएस जगन मोहन रेड्डी के मंत्रिमंडल द्वारा 3 नवंबर को व्यापक जाति-आधारित जनगणना करने के निर्णय के कुछ सप्ताह बाद ये घोषणा की गई है।

जगन सरकार का मानना है कि लोगों के जीवन स्तर को बदलने के लिए जाति जनगणना करना महत्वपूर्ण है। इसलिए आंध्र प्रदेश में जाति जनगणना को पूरा करना वाईएसआरसीपी सरकार का एक प्रमुख लक्ष्य है। जातिजनगणा से संबंधित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा था समाज के वंचित वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मददगार होगा।मंत्री ने कहा देश की आजादी के बाद भारत में कोई जाति जनगणना नहीं हुई ह केवल कुल जनसंख्या की जनगणना हुई है। जगन सरकार के आईटी मंत्री ने बताया सरकार राज्य भर के जाति प्रतिनिधियों से राय ले रही है।
प्रदेश सरकार ने विश्वास दिलाया कि आंध्र प्रदेश में जाति जनगणना निष्पक्ष और व्यापक तरीके से करवाई जाएगी। उन्होंने कहा राज्य जाति जनगणना निष्पक्ष और व्यापक तरीके से करेगा, कृष्णा ने कहा कि आंध्र प्रदेश की गणना प्रक्रिया पूरे देश में एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगी।
मंत्री ने कहा सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी जो राज्य में सामाजिक न्याय सुनिश्ति करने के लिए जानी जाती है, उसने विपक्षी दल जाति जनगणना के मात्र उल्लेख से कांप रहे हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा बताया गया जाति जनगणना की घोषणा 139 पिछड़ा वर्ग (बीसी) समुदायों को कवर करने के लिए की गई थी, लेकिन अब इसके दायरे में आंध्र प्रदेश की सभी जातियां शामिल हैं।
गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को बिहार सरकार ने रेश में सबसे पहले जाति जनगणना डेटा जारी किया था। जिसके बाद कर्नाटक और राजस्थान सरकारों ने जाति जनगणना आयोजित करने और डेटा जारी करने की घोषणा की थी।












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