कोख में मारे जाने वाली बेटी की दास्तां सुन रो पड़ीं सीएम आनंदीबेन..
खेडा। भले ही आज लोग चांद छूने और आसमां में उड़ने की बात करते हैं लेकिन आज भी हमारे देश के कुछ इलाकों में बेटियों को बोझा समझा जाता है इसलिए उनके जन्म से पहले ही उन्हें मां की कोख में खत्म कर दिया जाता है।
कहते है ना दर्द को केवल वो ही समझ सकता है जिसे कि चोट लगी हो इसलिए जब ऐसे ही दर्द से पीड़ित 9th कक्षा की छात्रा अंबिका गोहिल ने गुजरात की सीएम आनंदीबेन के सामने एक अजन्मी बेटी की दास्तां व्यक्त की तो खुद सीएम भी सिसक पड़ीं क्योंकि अंंबिका जिस इलाके में रहती हैंं वहां भ्रूण हत्या आम बात है।
कोख में मारे जाने वाली बेटी की दास्तां सुन रो पड़ीं सीएम आनंदीबेन..
अपनी आंखें पोछते हुए उन्होंने अंबिका को गले लगाकर कहा कि मैं वादा करती हूं कि तुम्हारी पढ़ाई में कोई कमी नहीं होने पायेगी, तुम जो चाहती हो वो तुम्हें मिलेगा। गुजरात सरकार तुम्हारे जैसी हर बेटी की पढ़ाई और जीवन संवारने में भरसक प्रयास करेगी।
अंबिका की बातों ने किया हर किसी को भावुक
आपको बता दें कि खेड़ा जिले में हेरंज प्राइमरी स्कूल में गुरुवार को प्रवेशोत्सव प्रोग्राम था। इसमें स्टूडेंट अंबिका गोहिल को कन्या भ्रूण हत्या पर बोलना था जिसने मंच से ऐसी बात कही जिसने हर किसी की आंखों को नम कर दिया।
अंबिका बनना चाहती है डॉक्टर
आनंदीबेन ने बेटी अंबिका को गले लगाकर पूछा कि तुम कितनी बहनें हो तो अंबिका ने कहा हम चार बहने हैं और मेरी मां को हमेशा बेटा ना होने के कारण काफी कुछ सहना पड़ता है। अंबिका अपनी चारों बहनों में सबसे बड़ी है और वो बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है और अपने परिवार को गरीबी से मुक्त करना चाहती है।
क्या कहा अंबिका गोहिल ने...
अंबिका ने अपनी स्पीच में कहा कि पुराने जमाने में लोग लड़कियों को बोझ और अपशकुनी समझते थे लेकिन आज भी ये सोच कहां बदली है इसलिए तो मां के गर्भ में ही बच्चियों को मार दिया जाता है लेकिन क्या कभी आपने उस अजन्मी बेटी की चिख सुनी है जिसने 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मानव जीवन मिलने वाला था लेकिन उसे मां आपने सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि वो लड़की है।बेटा ही सब कुछ होता है..? क्या बेटी तुलसी की क्यारी नहीं होती..।













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