जानिए एयरपोर्ट पर एक मां को क्यों फेंकना पड़ा 15 लीटर ब्रेस्ट मिल्क?
नई दिल्ली। एक आठ महीने के दूध मुँहे बच्चे की मां का दर्द उस समय अपमान, घृणा और क्रोध में परिवर्तित हो गया जिस समय उसे कुछ कड़े नियम के कारण अपना करीब 15 लीटर ब्रेस्ट मिल्क फेंकना पड़ा।
बात यूके के हीथ्रो एयरपोर्ट की है, जहां के नियम के मुताबिक 100 एमएल के तरल पदार्थ से ज्यादा आप प्लेन के अंदर कुछ नहीं ले जा सकते हैं ऐसे में जब अमेरिकी नागरिक जेसिका कोकले मार्टिनेज 15 लीटर ब्रेस्ट मिल्क लेकर फ्लाइट के लिए आयीं तो उन्हें रोक दिया गया और कहा गया कि वो इसे फेंक दें। नियम के मुताबिक मजबूरी में जेसिका को यह करना पड़ा।
इस दर्दनाक घटना का जिक्र जेसिका ने फेसबुक पर किया है। जेसिका ने कहा कि यूके के कुछ नियम बेहद कष्टकारी हैं और आज मुझे एक वर्किंग मां होने के कारण काफी अपमानित महसूस हो रहा है। इन तुच्छ नियमों के कारण मुझे अपने आठ महीने के बच्चे का आहार फेंकना पड़ा है और अब मजबूरी में मुझे अपने बच्चे की भूख को शांत करने के लिए वाह्य पदार्थों का सहारा लेना पड़ेगा।
अधिकारियों के कारण मेरे बच्चे के दो हफ्ते का भोजन कूड़े में चला गया है, यह एक कामकाजी मां के साथ भेदभाव करने जैसा है। अब मैं हमेशा अपराध बोध रहूंगी जब भी काम पर रहूंगी क्योंकि मैं अपने बच्चे की भूख को शांत नहीं कर पाऊंगी क्योंकि उसका खाना( मदर मिल्क) तो मैंने फेंक दिया।
गौरतलब है कि यूके के नियम के मुताबिक तरल पदार्थ का सिर्फ़ 100 एमएल या उससे कम मात्रा छोटी पारदर्शी बोतलों में सील बैग में ले जाया जा सकता है। मदर मिल्क का कुछ हिस्सा तभी ले जाया सकता है जब बच्चा साथ में हो लेकिन जेसिका कोकले मार्टिनेज बिना बच्चे के यात्रा कर रही थीं इस कारण उन्हें ब्रेस्ट मिल्क फेंकना पड़ा।













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