चीन के साथ युद्ध हुआ तो पाकिस्तान भी इसमें होगा शामिल, हमें सेना को मजबूत करने की जरूरत: अमरिंदर सिंह
नई दिल्ली। चीन और भारत के बीच सीमा विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर चीन से युद्ध होता है तो इसमे पाकिस्तान भी शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी इस बात को नोट कर लीजिए कि अगर चीन से युद्ध होता है तो इसमे पाकिस्तान भी शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन हमे अपनी हेकड़ी दिखा रहा है लेकिन भारत उन्हें माकूल जवाब दे सकता है। गलवान में घुसपैठ की यह पहली कोशिश नहीं है, 1962 में भी ये लोग गलवान आए थे, लेकिन अब हकीकत यह है कि हम मौजूदा समय में बहुत ही बेहतर स्थिति में हैं।
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सैन्य विकल्प का इस्तेमाल ही विवाद खत्म कर सकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारी पूरी की पूरी कमांडर टीम गलवान में है, यानि यहां पर 10 ब्रिगेड तैनात हैं। ऐसे में अगर चीन बेवकूफी की हरकत करता है और सोचता है कि वह हमसे भिड़ सकता है तो यह उनकी बेवकूफी होगी। 1967 में इन लोगों ने अपनी नाक घुसेड़ी थी, मुझे लगता है कि ये लोग दोबारा ऐसा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन इस इलाके में अपनी मौजूदगी को बढ़ा रहा है, तिब्बत प्लेटू से लेकर भारतीय महासागर तक चीन अपनी मौजूदगी को बढ़ा रहा है। चीन अब हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों पर भी दावा कर रहा है, फिर ये लोग सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश पर दावा करेंगे, आखिर यह सब कब रुकेगा। मुझे लगता है कि हम इन्हें तभी रोक सकता हैं जब सैन्य विकल्प का इस्तेमाल हो।

सरकार सैन्य संसाधन मजबूत करे
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अब हमे स्थिति को और मजबूत करने की जरूरत है और कमांड को लद्दाख में घेरेबंदी के लिए भेजना चाहिए। सरकार को सेना को और भी संसाधन मुहैया कराना चाहिए। अगर हम मजबूत होंगे तो दूसरे को तीन बार हमारे बारे में सोचना पड़ेगा। बता दें कि सेना ने लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ जारी टकराव के बीच चीन से सटी सीमा पर आईटीबीपी की सात नई बटालियन को तैनात करने का फैसला लिया है। गृहमंत्रालय ने इसकी अनुमति पहले ही दे दी है।

चीन सीमा पर मुस्तैदी बढ़ेगी
सूत्रों की मानें तो सात बटालियन को यहां तैना करने की गृहमंत्रालय ने मंजूरी दे दी है, जिसके बाद 47 बॉर्डर आउटपोस्ट पर जवानों की तैनाती की जाएगी। इनमे से 39 अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में जवानों को तैनात किया जाएगा। जबकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख में भी बीओपी पर आईटीबीपी के जवानों की तैनाती होगी। पिछले कुछ महीनों से चीन के साथ एलएसी पर चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए अलग-अलग स्तर पर वार्ता हुई है, लेकिन यह बेनतीजा निकली, जिसकी वजह से सरकार ने यहां सैन्य तैनाती को पुख्ता करने का फैसला लिया है।












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