पिछले 9 साल में देश के 60 करोड़ लोग देश के अर्थतंत्र से जुड़े: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने को-ऑपरेटिव विभाग को कृषि विभाग से अलग कर दिया और उसे एक स्वतंत्र विभाग बनाया। कई लोगों का मानना था कि को-ऑपरेटिव सेक्टर अब बेकार हो गया है, इसकी कोई जरूरत नहीं है।
को-ऑपरेटिव विभाग को लेकर अमित शाह ने कहा बहुत सारे लोग ऐसा मानते थे कि को-ऑपरेटिव अब औपचारिक नहीं रहा। लेकिन उसी समय मोदी जी ने को-ऑपरेटिव विभाग को अलग विभाग बनाकर उसमे एक नई जान डालने का काम किया है।

2014 से 2023 तक नरेंद्र मोदी ने देश के 60 करोड़ लोग जो देश के अर्थतंत्र के साथ जुड़े ही नहीं थे क्योंकि 60 करोड़ लोगों के पास परिवार के पास बैंक में एक भी बैंक खाता ही नहीं था। एक प्रकार से इनफॉर्मल अर्थव्यवस्था पर वो लोग जी रहे थे, कुछ कमा लेते थे, खर्च कर देते थे, खाते थे, आगे का भगवान जाने।
इनके जीवन में स्थिरता थी, ना सुरक्षा और ना कोई सपना। इन 60 करोड़ लोगों को मोदी जी ने 9 साल के अंदर बैंक अकाउंट दिया, खुद का घर दिया, घर में पीने का पानी दिया, घर में बिजली दी, घर में गैस दिया, घर में शौचालय दिया, हर व्यक्ति को प्रति माह 5 किलो अनाज देकर खाने की चिंता से मुक्त किया।
60 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य का खर्च मुफ्त हो गया। अचानक ही इन 60 करोड़ लोगों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो गया। पीढ़ियों से जिनका समय इसमे बीतता था कि कल मैं क्या खाऊंगा, उसकी चिंता समाप्त हो गई है। उसका जीवन मैं कहां रहूंगा, उसकी चिंता समाप्त हो गई।
उसके घर में गैस, बिजली, शौचालय और स्वास्थ्य की समस्या समाप्त हो गई। बैंक अकाउंट मिला, वह अर्थतंत्र के साथ जुड़ गया। अब 60 करोड़ लोग देश के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं।












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