केरल में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने दी ये बड़ी छूट,जानें नए नियम
तिरुवनंतपुरम, 4 अगस्त। केरल राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। देश भर के राज्यों में कोविड 19 से सर्वाधिक प्रभावित केरल है। केरल में बीते दिन सबसे ज्यादा 23,676 नए मामले सामने आए। बुधवार को केरल सरकार ने मौजूदा COVID-19 दिशानिर्देशों को 5 अगस्त की सुबह 12 बजे से बढ़ा दिया है।

इसके साथ ही केरल की पिनाराई विजयन सरकार ने राज्य में लगाए गए लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील देने की भी घोषणा की। सप्ताहांत लॉकडाउन केवल रविवार को लगाया जाना है। दुकान का समय सप्ताह में 6 दिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा। वहीं ओडम और 15 अगस्त को पड़ने वाले रविवार पर वीकेंड लॉकडाउन हटाने का ऐलान किया है। स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने विधानसभा में जानकारी दी टेस्ट पॉजिटिविटी रेट के वर्गीकरण को लेकर राज्य सरकार को अतिरिक्त मानदंड तय करने के लिए सुझाव मिले थे। हालांकि सरकार ने ट्रिपल लॉकडाउन लगाने की भी चेतावनी दी है।
बता दें मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने एक हाईलेवल मीटिंग की और कोविड पर नियंत्रण योजना में संशोधन करने का निर्णय लिया था। इसका कारण ये है क्योंकि नगर निकायों के टीपीआर आधारित लॉकडाउन संबंधी नतीजे विफल रहे। कोविड मैनेजमेंट के पैनल के विशेषज्ञों द्वारा रिपोर्ट सौपी गई जिसमें 9 बजे तक खोलने की अनुमति देने की सिफारिश की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि यह एक ऐसे क्षेत्र में स्थित दुकानों के लिए ट्रिपल लॉकडाउन होगा, जहां एक सप्ताह में 1000 आबादी में से 10 से अधिक लोग संक्रमित होते हैं।
अन्य जगहों पर राज्य में मौजूदा सामान्य स्थिति और वैक्सीनेशन की प्रगति को देखते हुए सप्ताह में छह दिन दुकानों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी, वहां दुकानें सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक खुल सकेगी।
स्वतंत्रता दिवस और केरल के प्रमुख त्योहार ओणम में होने वाली भीड़ को देखते हुए दुकानें खुली रहेंगी और 15 और 22 अगस्त को प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी, इन दोनों दिन रविवार है लेकिन बाजार खुली रहेगी।
इसके साथ ही स्वास्थ मंत्री ने बाजार में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से त्योहारों के मौसम में भीड़ से बचने और अपने कैंपस में सोशल डिस्टेसिंग सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था करने की अपील की है। इस संबंध में स्थानीय स्वशासी निकायों, पुलिस और व्यापारियों के साथ बैठक की जाएगी।
राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समारोह जो भारी भीड़ को आकर्षित करती थी, को जारी रखा जाना चाहिए, जॉर्ज ने कहा कि लोगों को इसके क्षेत्र और स्थान को देखते हुए पूजा स्थलों का दौरा करना चाहिए।
अधिकतम 40 लोग पूजा स्थलों पर जा सकते हैं जो आम तौर पर विशाल होते हैं, जबकि 20 लोग शादियों और अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।
बता दें एलडीएफ सरकार को कुछ समय से राज्य में विपक्षी दलों और व्यापारियों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा था, जो कि महामारी से प्रेरित प्रतिबंधों को जारी रखे हुए थे। पिछले लगभग तीन महीनों से केरल कोरोना पॉजिटिव दर के आधार पर लॉकडाउन में था और 15 प्रतिशत से अधिक टीपीआर वाले सभी स्थानीय निकायों को बंद कर दिया गया था। वहीं ये नए दिशानिर्देश ऐसे समय में आए हैं जब मंगलवार को देश में 42,625 नए COVID मामले सामने आए, जिनमें से केरल में 23,676 मामले सामने आए। 4,10,353 सक्रिय मामलों में से केरल में 1,73,221 सक्रिय मामले थे।












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