Ambedkar Jayanti: पीएम मोदी ने अंबेडकर की 133वीं जयंती समारोह में लिया हिस्सा, सोनिया गांधी से हुआ आमना-सामना
Ambedkar Jayanti 2023: दिल्ली के संसद भवन के लॉन में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर की 133वीं जयंती समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए।

Ambedkar Jayanti 2023: आज डॉ. भीमराव अंबेडकर की 133वीं जयंती मनाई जा रही है। दिल्ली के संसद भवन के लॉन में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। इस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी व अन्य नेता भी शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर समाज में वंचितों को सशक्त बनाने, सामाजिक सुधारों में अपना जीवन समर्पित करने वाले अंबेडकर की उपलब्धियों को याद किया।
पीएम मोदी ने कहा, भारतीय संविधान के पिता के रूप में जाने जाने वाले बाबासाहेब अंबेडकर ने अर्थशास्त्री, न्यायविद और एक विपुल लेखक के रूप में देश की प्रगति में कभी ना भुलाने वाला योगदान दिया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "ज्ञान और विलक्षण गुणों के धनी डां अंबेडकर ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी, एक शिक्षाविद, कानूनी विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक के रूप में अथक रूप से काम किया है। उन्होंने राष्ट्र के कल्याण के लिए ज्ञान का प्रसार किया। उनका मूल मंत्र- शिक्षित और संगठित करना था। उन्होंने वंचित समुदाय को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अथक संघर्ष किया है।''
जानिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के बारे में?
डॉ. भीमराव अंबेडकर का पूरा नाम भीमराव रामजी अंबेडकर था। डॉ. भीमराव अंबेडकर एक प्रसिद्ध समाज सुधारक, न्यायविद और भारतीय संविधान के जनक हैं। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। वे स्वतंत्र भारत के पहले कानून और न्याय मंत्री थे।
देशभर में डॉ भीमराव अंबेडकर बाबासाहब अंबेडकर के नाम से लोकप्रिय हैं। डॉ भीमराव अंबेडकर ने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया था और दलितों से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था।












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