अमेजन ने ED के खिलाफ दायर किया मुकदमा, लगाए "फिशिंग एंड रोविंग इंक्वायरी" के आरोप
नई दिल्ली, 23 दिसंबर: ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कोर्ट में घसीट लिया है। अमेजन ने दिल्ली हाई कोर्ट में ईडी द्वारा 2019 में उसके खिलाफ दायर किए गए एक मामले को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। प्रवर्तन निदेशालय पिछले कुछ महीनों से फ्यूचर ग्रुप में विदेशी निवेश कानूनों के संदिग्ध उल्लंघन के लिए अमेजन के 200 मिलियन डॉलर के निवेश की जांच कर रहा है।
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अमेजन ने 816 पेज की याचिका में आरोप लगाया है कि फ्यूचर ग्रुप के साथ हुए करार को लेकर उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है। उसे लेकर ईडी की ओर से जारी समन में जो जानकारियां मांगी गई है, वह फ्यूचर ग्रुप की डील से अलग हैं।अमेजन ने पिछले महीने कहा था कि उसे फ्यूचर ग्रुप के साथ हुए सौदे के संबंध में ईडी से समन मिला है। अमेजन ने अपनी याचिका में कहा है कि ईडी कारोबार की सामान्य प्रक्रिया में विशिष्ट एवं गोपनीय विधिक सलाह मांगकर अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही है।
कंपनी का कहना है कि भारत में ई-कॉमर्स कारोबार शुरू करने के बाद की गतिविधियां भी जांच के दायरे में लाई गई हैं। ईडी का उससे ऐसी सूचनाएं मांगना स्वीकृत न्यायिक मानकों के खिलाफ है। हालांकि उसने कहा है कि उसका यह अनुरोध फ्यूचर एवं अमेजन बीच हुए सौदे में प्रवर्तन निदेशालय की जांच से संबंधित नहीं है। अमेजन ने हाई कोर्ट से इस बारे में भी परामर्श मांगा है कि फ्यूचर-अमेजन सौदे से न जुड़े रहे उसके अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाने के पीछे क्या तर्क है?
अमेजनऔर फ्यूचर ग्रुप के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। फ्यूचर ग्रुप ने गत अगस्त में रिलायंस रिटेल के साथ 24,500 करोड़ रुपये का सौदा किया था। उस सौदे को अमेजन फ्यूचर ग्रुप के साथ 2019 में हुए अपने निवेश समझौते का उल्लंघन बताया है। हालांकि भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग ने पिछले हफ्ते अमेजन तो बड़ा झटका देते हुए फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सेदारी खरीद के लिए अमेजन के सौदे को दी गई अपनी मंजूरी निलंबित कर दी।












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