देश में एकसाथ चुनाव के पीएम मोदी के आइडिया पर नीतीश कुमार ने यूं डाला ठंडा पानी
नई दिल्ली। शिवसेना 2019 में एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने का पहले ही ऐलान कर चुकी है। हाल में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भी बीजेपी के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। शिवसेना के बयान पर बीजेपी यह कहकर बच निकली कि उनकी तो रोज-रोज बयान देने की आदत है। नायडू की बगावत पर बीजेपी सफाई दी है कि सब ठीक-ठाक है। यहां तो बात संभल गई, लेकिन अब एनडीए के एक और सहयोगी- नीतीश कुमार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। देश में एक साथ चुनाव कराने के पीएम नरेंद्र मोदी के विचार पर नीतीश कुमार ने कहा कि यह संभव नहीं लगता। उन्होंने कहा कि गुजरात में अभी चुनाव हुए हैं और कर्नाटक में होने जा रहे हैं तो क्या अगले साल इन राज्यों में दोबारा चुनाव कराए जाएंगे। एनडीए में शामिल होने के बाद यह पहला मौका है, जब नीतीश कुमार ने किसी मुद्दे पर मोदी सरकार से अलग लाइन पकड़ी है।

पार्टी की बैठक में नीतीश कुमार ने कहीं ये बातें
सीएम नीतीश कुमार ने पटना में आयोजित पार्टी कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार के विधानसभ चुनाव अपने निश्चित समय 2020 अक्टूबर-नवंबर में ही होंगे। मीडिया में ऐसी अफवाह है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ कराए जा सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में भी किया जिक्र
सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत से पहले दिए अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाने का समर्थन किया। राष्ट्रपति ने कहा कि जनता में देश के किसी न किसी हिस्से में लगातार होने वाले चुनावों से विकास बाधित होने और दूसरे विपरीत प्रभावों को लेकर चिंता है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनावों को टाला जाएगा?

'देश में एक साथ चुनाव' का विरोध कर रहे हैं कांग्रेस और लेफ्ट
देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाने के पीएम मोदी के विचार का कांग्रेस, आरजेडी, लेफ्ट पहले ही विरोध कर चुके हैं। ऐसे में नीतीश कुमार एक साथ चुनाव के विरोध में खड़े हो जाने से पीएम मोदी की मुहिम बड़ा झटका जरूर लगा है। हालांकि, नीतीश कुमार ने एक साथ चुनाव कराने का मुखर विरोध नहीं किया है बल्कि एक प्रकार से उन्होंने पीएम मोदी के आइडिया पर ठंडा पानी डाल दिया है। नीतीश कुमार ने एक साथ चुनाव कराने को असंभव बताने के साथ यह भी कहा कि कॉन्सेप्ट अच्छा है, लेकिन इसे लागू करना लगभग नामुमकिन है।












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