गोवा विधानसभा चुनाव 2017: जानिए क्या कहता है राज्य का राजनीतिक गणित

40 सीटों वाले गोवा की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में जो हलचल हुई है, उससे ये चुनाव काफी दिलचस्प माना जा रहा है। पर्रिकर के केंद्र में जाने और 'आप' के आने ने लड़ाई को बदल दिया है।

पणजी। इलेक्शन कमीशन ने आज पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। इन पांच राज्यों में गोवा भी शामिल है, जहां 4 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों के साथ-साथ गोवा के चुनाव पर भी इस बार ना सिर्फ गोवा के बाशिदों की बल्कि राजनीति विश्लेषकों की निगाहें भी लगी हैं। अपेक्षाकृत छोटे, 40 सीटों वाले गोवा में पिछले कुछ दिनों में जो राजनीतिक हलचल हुई है, उससे ये चुनाव काफी दिलचस्प माना जा रहा है।

गोवा विधानसभा चुनाव 2017

इस समय क्या है गोवा की राजनीतिक स्थिति

इस समय क्या है गोवा की राजनीतिक स्थिति

गोवा में 4 फरवरी को एक ही चरण में मतदान होगा। 40 सीटों में एक सीट एससी के लिए आरक्षित है। राज्य में नोटिफिकेशन 11 जनवरी, लास्ट डेट नोमिनेशन 18 जनवरी बुधवार, स्कूटनी 19 जनवरी तक पूरी, विद्ड्रावल ऑफ कैडिडेचर 21 जनवरी, 4 फरवरी 2017 शनिवार को मतदान होगा। गोवा में इस समय की स्थिति की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी का सत्ता पर कब्जा है। 40 में से 21 सीट भाजपा के पास हैं। जबकि कांग्रेस के पास मात्र 9 सीटें हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा संख्या निर्दलयों की है, जिनकी संख्या पांच है। महाराष्ट्रवादी गोमांटक पार्टी के पास तीन विधायक हैं। गोवा विकास पार्टी के विधानसभा में दो मेंबर हैं। 2012 के विधानसभा में भाजपा को 34.68 फीसदी जबकि कांग्रेस को 30.78 फीसदी वोट मिले थे।

मनोहर पर्रिकर के बिना गोवा में भाजपा

मनोहर पर्रिकर के बिना गोवा में भाजपा

2012 में भाजपा की जीत के बाद मनोहर पर्रिकर दूसरी बार सूबे के मुख्यमंत्री बने थे लेकिन पर्रिकर को 2014 में भाजपा की जीत के बाद केंद्र की सरकार में रक्षामंत्री बना दिया गया और लक्ष्मीकांत पार्सेकर को मुख्यमंत्री बनाया गया। पर्रिकर के केंद्र में जाने के बाद माना जा रहा है कि गोवा में भाजपा ने जो तरक्की की थी उसकी स्थिति वैसी नहीं रही। पार्टी में गुटबाजी हावी हो गई है। ऐसे में इस बार जहां कांग्रेस एक बार फिर जोरदार वापसी की कोशिश करेगी तो आम आदमी पार्टी पूरी ताकत से गोवा के चुनाव में कूद गई है। 'आप' ने एलविस गोम्स को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है। गोवा में आरएसएस में भी फूट पड़ी है। ऐसे में इस बार गोवा की जनता का फैसला क्या होगा ये देखना दिलचस्प होगा।

कांग्रेस लंबे वक्त तक रही है गोवा की सत्ता पर काबिज

कांग्रेस लंबे वक्त तक रही है गोवा की सत्ता पर काबिज

पुर्तगाल के कब्जे से आजादी के बाद भारतीय गणतंत्र में शामि हुए गोवा में 1963 में हुए पहले चुनाव में महाराष्ट्रवादी गोमांटक पार्टी की सरकार बनी। लंबे वक्त तक गोमांटक पार्टी ने गोवा पर राज किया। 1980 में यहां कांग्रेस ने बड़ी सफलता पाते हुए सरकार बनाने में कामयाबी पाई। लगातार तीन बार कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रोग्रेसिव डेमाक्रेटिक फ्रंट ने 1990 के चुनाव में कांग्रेस को हराकर गोवा में सरकार बनाई। एक साल बाद ही 1991 में एक बार फिर कांग्रेस ने वापसी की। भाजपा ने पहली बार कांग्रेस के दबदबे को तोड़ते हुए 2000 में सरकार बनाई। इसमें मनोहर पर्रिकर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। लेकिन 2005 और 2007 में एक बार फिर से कांग्रेस ने सरकार बनाई। 2012 के इलेक्शन में भाजपा ने जोरदार वापसी करते हुए फिर से सरकार बनाई।

कांग्रेस-भाजपा के साथ-साथ स्थानीय पार्टियां भी दिखाएंगी दम

कांग्रेस-भाजपा के साथ-साथ स्थानीय पार्टियां भी दिखाएंगी दम

गोवा के इलेक्शन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कम सीट होने के कारण वोट प्रतिशत में बहुत ज्यादा फर्क ना होते हुए भी सीटों में अच्छा-खासा फर्क आ जाता है। एक तरफ भाजपा अपनी सरकार किसी भी कीमत पर गोवा में खोना नहीं चााहती लेकिन मनोहर पर्रिकर के बाद आरएसएस और भाजपा में गुटबाजी उसके लिए खतरा है। कांग्रेस अभी भी बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है। तो आम आदमी पार्टी तमाम दावों के बावजूद टिकट बटवारें को लेकर अपने ही नेताओं का विरोध झेल रही है। गोवा विकास पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांटक पार्टी भी चाहेंगी कि उनकी स्थिति आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसी बने कि वो नई सरकार में अहम सहयोगी बन सकें। गोवा की जनता क्या फैसला लेती है ये पता तो 11 मार्च को ही चलेगा, जब ईवीएम मशीनों में कैद उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।
पढ़ें- पांच राज्यों में चुनाव का ऐलान, जानिए गोवा में कब होगी वोटिंग

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+