मणिपुर हिंसा पर सर्वदलीय बैठक, उग्रवादियों पर लगाम लगाने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर कड़ी निगरानी
Manipur violence पर शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। जिसमें सीएम ने राज्य के हालात की जानकारी दी।

मणिपुर हाल ही में हिंसा की आग में जल उठा। जिसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हालात बेकाबू होता देख वहां पर तुरंत सेना को उतारा गया। अब सरकार सभी हितधारकों के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
वहीं दूसरी ओर शनिवार को राज्य में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता सीएम एन बीरेन सिंह ने की। इस बैठक में कांग्रेस, एनपीएफ, एनपीपी, सीपीएम, आम आदमी पार्टी, शिवसेना सहित कई राजनीतिक दल मौजूद रहे। बैठक में सीएम ने राज्य के हालात के बारे में भी बताया।
म्यांमार सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
वहीं दूसरी ओर म्यांमार में भारत की सीमा के पास कई विद्रोही समूहों को डेरा है। ऐसे में सुरक्षाबलों ने सख्ती बढ़ा दी है, ताकि उग्रवादियों के किसी भी प्रयास को तुरंत विफल किया जा सके।
इंडिगो की विशेष उड़ान
मणिपुर में हुई हिंसा के बाद रेलवे का संचालन रुक गया था। वहीं कर्फ्यू की वजह से दूसरे राज्य से वहां गए लोग भी फंस गए थे। उनको भी निकालने का काम जारी है। इंडिगो के मुताबिक उसने इंफाल से कोलकाता के लिए 6 मई को दो विशेष उड़ानें रखीं। जिससे लोग आसानी से वहां से निकल सकेंगे।
राज्य में NEET परीक्षा स्थगित
वहीं जिन छात्रों का NEET (UG) सेंटर मणिपुर में है, उनकी परीक्षा रद्द कर दी गई। मामले में शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह ने कहा कि मणिपुर में NEET परीक्षा के 8751 उम्मीदवार हैं, जिनकी कल (7 मई) परीक्षा होनी थी। अभी यहां की स्थिति के मुताबिक उन उम्मीदवारों का नुकसान हो जाता। मैंने NEET प्राधिकरण को मणिपुर में परीक्षा स्थगित करने के लिए निवेदन किया। अभी परीक्षा स्थगित हुई है और जल्द ही परीक्षा की नई तारीख तय होगी।
10 हजार जवाननों की तैनाती
केंद्र सरकार ने सेना और असम राइफल्स के 10 हजार जवानों की तैनाती हिंसा से निपटने में की है। साथ ही दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए। जिस वजह से अब हालात सामान्य हो रहे हैं।












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