Akshardham attack: कुछ इस तरह से आईबी ने अजमेरी को धर दबोचने में पाई सफलता
नई दिल्ली। अक्षरधाम मंदिर हमले के आरोप में जिस तरह से अब्दुल रशीद अजमेरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वह पुलिस की राडार में शुरू से था। पुलिस लगातार अजमेरी को पकड़ने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बार-बार अजमेरी अपनी लोकेशन को बदलने में सफल रहता था, अक्षरधाम हमले के बाद वह सउदी अरब भागने में सफल हो गया था। लेकिन अजमेरी की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता है। अक्षरधाम मंदिर पर हमले के 15 साल बाद अजमेरी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों की काफी किरकिरी हुई थी, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी छह आरोपियों को रिहा कर दिया था, यही नहीं इस मामले में कोर्ट ने उन लोगों को भी रिहा कर दिया था जिन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी।

अब्दुल रशीद अजमेरी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की राडार पर था, हालांकि वह लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहता था जिसके चलते उसे पकड़ने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों को जो इनपुट मिले उसके आधार पर खुफिया विभाग को यह जानकारी मिली की अजमेरी गुजरात में आने की कोशिश कर रहा है। आईबी एक फोन कॉल को ट्रेस करने में सफल हुई थी, जिसमे अजमेरी अपने भाई से बात कर रहा है, इस दौरान वह बातची में कहता है कि वह गुजरात जल्द आएगा। हालांकि इस बातचीत में उसने गुजरात आने की तारीख और समय का खुलासा नहीं किया, लेकिन आईबी ने इस इंटरसेप्ट के आधार पर अजमेरी की धरपकड़ की कोशिश शुरू कर दी।
दूसरी कॉल में मिली बड़ी लीड
अजमेरी की गिरफ्तारी के लिए भारी सर्विलांस को लगाया गया, जिसके चलते आईबी को अजमेरी का फोन कॉल ट्रेस करने में सफलता हासिल हुई। आईबी के अधिकारी ने बताया कि उन्हें एक और फोन कॉल इंटरसेप्ट करने में सफलता मिली जिसमे यह बात सामने आई कि अजमेरी रियाद के जरिए भारत आने की कोशिश कर रहा है। जिसके बाद खुफिया एजेंसी ने अजमेरी को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। अजमेरी पर आरोप है कि उसने 24 सितंबर 2002 में धमाके की घटना को अंजाम दिया था, इस आतंकी हमले में मंदिर के भीतर 30 भक्तों की जान चली गई थी।
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