काश अखिलेश ने काशी के लिए यह सब पहले किया होता

Akhilesh Yadav is specially taken care of Varanasi now
वाराणसी। अचानक से काशी का भाग्य, लगता है कि खुल गया है। पहले तो प्रधानमंत्री ने इसे अपना संसदीय क्षेत्र बनाकर प्राचीन धार्मिक नगरी को हाइप्रोफाइल सिटी बना दिया, अब प्रदेश सरकार खुद काशी को लेकर फिक्रमंद हो गई है। यदि ऐसा न होता तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बनारस को लेकर अलग से फोकस करते हुए यहां के विकास का खाका न खींच रहे होते।

सूत्र के अनुसार जिलाधिकारी प्रांजल यादव को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ बुलाया। डीएम राजधानी के लिए रवाना भी हो गए। वह अपने साथ कई परियोजनाओं का खाका भी ले गए हैं। इसमें सपा सरकार की ओर से चुनाव के पहले तीन घाटों संत रविदास घाट के समीप राजनारायण घाट, डा. राम मनोहर लोहिया घाट व महामना पं. मदनमोहन मालवीय घाट की डिजाइन भी शामिल है। इन घाटों को नया कलेवर देने की तैयारी है। इसके लिए खास तौर पर दिल्ली के एक आर्किटेक्ट ने प्रजेंटेशन तैयार किया है।

इसे सीएम के सामने बृहस्पतिवार को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही बनारस के नए मास्टर प्लान, टांसपोर्ट नगर की लंबित परियोजना, सांस्कृतिक संकुल आदि से जुड़े मामलों पर भी मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे। हालांकि इस पूरे मसले पर डीएम से वार्ता करने की कोशिश हुई लेकिन बातचीत नहीं हो पाई।

कछुआ सेंचुरी भी अहम मुद्दा-

जिलाधिकारी प्रांजल यादव अपने साथ नदी वैज्ञानिक प्रो. यूके चौधरी को भी लखनऊ ले गए हैं। ऐसे में यह तय है कि मुख्यमंत्री के समक्ष कछुआ सेंचुरी को शिफ्ट किए जाने के मसले की भी चर्चा होगी। ज्ञात हो कि प्रो. चौधरी सहित नौ लोगों की अध्यक्षता में डीएम ने कमेटी बनाकर पक्के घाटों के सामने निर्धारित कछुआ सेंचुरी से हो रहे नुकसान का अध्ययन कराया था। इसकी रिपोर्ट 12 फरवरी को राज्य व केंद्र सरकार को भेजी गई थी। अध्ययन में पाया गया था कि कछुआ सेंचुरी के चलते एक तो गंगा का प्रवाह क्षेत्र प्रभावित हो रहा है दूसरे पक्के घाटों का कटान भी होने लगा है। समिति ने सेंचुरी को राजघाट के आगे शिफ्ट करने का सुझाव भी अपनी रिपोर्ट में दिया है।

काशी में बिजली के लिए हाहाकार-

काशी को निर्बाध बिजली आपूर्ति न होने से जनसामान्य में हाहाकार की स्थिति है, जिससे काशी वासियों का रोष बढ़ता ही जा रहा है। बिजली को लेकर जगह-जगह धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है वहीं मंगलवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे भाजपा विधायक की तबियत बिगड़ गई है।

अनशनरत भाजपा विधायक श्यामदेव दादा से मिलने बुधवार को पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता पीपी सिंह व अधिशासी अभियंता अवधेश पासवान पहुंचे। विधायक ने कहा कि काशी को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र को बिजली मिलनी ही चाहिए। पावर कारपोरेशन आजमगढ़ को निर्बाध सप्लाई कर रहा है लेकिन बनारस के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

दूसरी ओर भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय के समक्ष दूसरे दिन बुधवार को भी भारतीय जनता युवा मोर्चा का धरना जारी रहा। मांग वही, बनारस को चाहिए 24 घंटे बिजली। नेतृत्व कर रहे अवनीश पांडेय ने बताया कि प्रदेश सरकार बिजली की किल्लत के बावजूद सैफई, इटावा, कन्नौज, रामपुर, आजमगढ़ को निर्बाध सप्लाई दे रही है तो बनारस को क्यों नहीं जबकि काशी अब प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है।

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