केजरीवाल से नहीं मिलना चाहते अखिलेश, कहा मोदी लहर यूपी में नहीं

प्रस्तुत हैं अखिलेश यादव के इंटरव्यू के मुख्य अंश-
सपा की सरकार के प्रति लोगों में गुस्सा क्यों है?
अखिलेश ने कहा जिन दलों का एजेंडा कम्युनल है, वो हमें बदनाम करने के प्रयास कर रहे हैं। बहुत सारे दल यहां से ज्यादा से ज्यादा सीटें प्राप्त करने के प्रयास कर रहे हैं। हमारे किसी भी मंत्री ने राजनीतिक लाभ लेने के लिये कोई कदम नहीं उठाया। हमारा लोकसभा चुनाव में एजेंडा डेवलपमेंट है। सपा सेक्युलर एजेंडे को मजबूत करेगी।
मध्य प्रदेश में शिवराज ने बीमारू राज्य को खड़ा कर दिया। नीतीश ने बिहार को बदल दिया, छवि सुधरी वही आपसे उम्मीद थी। आपसे भी यही उम्मीद थी। इस सवाल पर अखिलेश ने कहा कि यूपी की तुलना आप किसी भी प्रदेश से नहीं कर सकते। जो स्कीम यूपी में, चल रही हैं, वो अन्य राज्यों में नहीं चल पा रही हैं। सड़क बनायी, बिजली लायी, इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया, तो देखिये कितना समय लगा। हमारा राज्य बड़ा है, यूपी बड़ा है, इसमें थोड़ा समय और लगेगा।
तो क्या यूपी को बांट दें?
इस सवाल पर अखिलेश ने कहा यूपी बहुत बड़ा है सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री दिये, प्रदेश को बांटने से कोई बहुत बड़ा सुधार नहीं आयेगा, आप छत्तीसगढ़, झारखंड को देखिये। जो मुझे विरासत में मुझे मिला। पत्थरों के हाथी लगाये जा रहे थे, 3000 एकड़ लखनऊ शहर में पत्थर लगाने का काम किया जा रहा था। उसे रोक कर लैपटॉप दिये। कोई ऐसी वैसी कंपनियों से लैपटॉप नहीं दिये, एचपी जैसी कंपनी हमारे साथ आयी।
मायावती खुद को अंबेडकर से बड़ा मानती हैं
सीएम से सवाल किया गया कि अंबेडकर ग्राम सभा, को बदलकर लोहिया योजना बना दिया क्यों? अखिलेश ने कहा आपने नाम पढ़े, कैसे लागू लो रही है, यह नहीं पढ़ा। पहले जाति के आधार पर स्कीम का संचालन होता था, अब वही सकीम पिछड़े गांव को देखती है। अम्बेडकर के नाम पर स्कूल कॉलेज, पॉलीटेकनिक कर दिये गये हैं, जिनके नाम कोई नहीं जानता उनके नाम पर कर दिये गये। अंबेडकर के नाम को बदनाम करना, मुख्यमंत्री जी ने बीआर अम्बेडकर से बड़ी प्रतिमा अपनी लगवायी, केवल यह बताने के लिये कि मैं उनसे बड़ी हूं।
आपके पिता आपको जीरो मार्क्स देते हैं, क्यों?
आंकलन, जनता करेगी। दो दिन पहले की बात है मैं इतना कहना चाहता हूं कि जो मां-बाप की डांट नहीं खाते, वो बिगड़ जाते हैं, अब आप बड़े हो गये हैं, 18 फीसदी जनसंख्या आपके पास है, आये दिन आपके पिता आपको पब्लिक में फटकार लगा देते हैं। अखिलेश ने कहा- कई बार मैं आंकलन नहीं कर पाता हूं, कि वो पिता हैं, या राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पिता-पिता ही रहेंगे, हम चाहे जितने बड़े हो जायें। सबसे ज्यादा तकलीफ है विपक्ष को है।
हमारे दल में विपक्ष के लोग इतने परेशान हैं, क्योंकि उन्हें विपक्ष नहीं मिल रहा। मुलायम कहते हैं अखिलेश चाहते तो 15 दिन में कानून व्यवस्था बदल देते। बहुत सारे रास्ते अपनाने पड़ते हैं। हम वो नहीं हैं, जो 50 दिन पूरे होनेके पहले ही सरकार छोउ़ रकर चल दें।
क्या साइकिल पर चढ़कर क्या कोई एसपी का लीडर पीएम बन सकता है?
कई बार ऐसा समय आया है, जब सरकारें बनायी भी हैं, सरकारें बनवायी भी हैं। एक समय था जब लोग कहते थे कि गठबंधन की सरकार नहीं चलेगी, लेकिन कहीं न कहीं डेमोक्रेसी रास्ते पर आ गई। समय बतायेगा कि कितनी सीटें किसकी होंगी। छोटी पार्टियां जब प्रदेशों में अच्छा काम कर रही हैं, तो लोकसभा में क्यों नहीं सरकार बना सकती हैं। देश के हिसाब से भी अच्छा काम करेंगी। ममता, जयाललिता, जैसे तमाम बड़े नेताओं को संभालना कितना संभव होगा, इस पर अखिलेश ने कहा कि सब मिलकर काम करेंगे तो देश का उद्धार होगा।
केजरीवाल से कभी मुलाकात हुई?
अखिलेश ने कहा कि अभी तक तो केजरीवाल से मुलाकात नहीं हुई, लेकिन भविष्य में मैं उनसे मिलना भी नहीं चाहता हूं। मुझे नहीं लगता कि वो शासन करने के काबिल हैं। मेरे लिये केजरीवाल नेता नहीं हैं।
क्या आपको मोदी की लहर नजर आ रही है?
अभी तक उत्तर प्रदेश में तो नहीं है। हालांकि भाजपा की रैलियों में भीड़ आने लगी है। कानपुर, वाराणसी में जो भीड़ आयी उस पर सवाल में कहा सपा की रैलियों ने पीछे कर दिया मोदी को।
इससे पहले अखिलेश ने यूपी का रिपोर्टकार्ड प्रस्तुत किया
उन्होंने कहा कि सबसे पहले यूपी का रिपोर्ट कार्ड- लखनऊ में एचसीएल के साथ सरकार मिलकर आईटी सिटी बना रही है। देश की सभी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां आ चुकी हैं।
टूरिज्म के क्षेत्र में काम किया है। बेरोजगारी भत्ता, कन्या विद्या धन, लैपटॉप, तीन नये मेडिकल कॉलेज, 500 एमबीबीएस सीटें बढ़ीं। दुर्घटना बीमा किसानों के लिये। उत्तर प्रदेश चूंकि सबसे बड़ा प्रदेश है, यूपी बदलेगा तो देश के आंकड़े भी बदलेंगे। देश में सबसे ज्यादा माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्रीज यहां हैं। 30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन रजिसट्रेशन हुए हैं स्किल डेवलपमेंट के लिये।
अगले तीन साल और हैं। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता आंकलन करेगी। केंद्र के 10 साल, बसपा के पांच साल का आंकलन करने के बाद आप पायेंगे कि हमने दो साल में सबसे ज्यादा विकास किया।












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