Air India और मेक माई ट्रिप बुजुर्ग दंपती को 1.48 लाख रुपये हर्जाना देंगे, कंज्यूमर कोर्ट ने सुनाया फरमान
एअर इंडिया और मेक माई ट्रिप को बुजुर्ग दंपती को 1.48 लाख रुपये मुआवजा देना होगा। पिछले हफ्ते इस सीनियर सिटिजन दंपती को फ्लाइट में देरी के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

Bengaluru Court order के बाद एअर इंडिया और मेक माई ट्रिप को मुआवजा देना होगा। अदालत ने मुआवजे के तौर पर 1.48 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। फ्लाइट लेट होने के कारण यात्री को हर्जाना मिलेगा।
मामला पिछले हफ्ते एक वरिष्ठ नागरिक दंपती के साथ हुई घटना से जुड़ी है। उड़ान में भारी देरी के लिए संयुक्त रूप से मुआवजा देने का फैसला उपभोक्ता अदालत ने सुनाया है।
दरअसल, एअर इंडिया की फ्लाइट में देरी के कारण बुजुर्ग दंपती को अफ्रीकी सफारी और छुट्टी की योजना में काफी परेशान होना पड़ा। कोर्ट ने उन्हें मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपये, टिकट की लागत के लिए 38,000 रुपये और वकील की फीस 10,000 रुपये देने का आदेश दिया।
एअर इंडिया को हर्जाना भरने के आदेश पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 76 साल के एस रामभद्रन एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। अपनी पत्नी आर वत्सला (75) के साथ इन्होंने 2019 में अफ्रीका टूर प्लान किया।
19 दिसंबर, 2019 को किलिमंजारो की इस बुजुर्ग दंपती की यात्रा एक बुरा सपना बन गई। रामभद्रन के अनुसार, "हमारा टिकट बेंगलुरु से दिल्ली के लिए एअर इंडिया की फ्लाइट में मेक माई ट्रिप पोर्टल के माध्यम से बुक बुआ। दिल्ली से इथियोपियन एयरलाइंस में किलिमंजारो की टिकट बुक थी।
रामभद्रन ने 10 दिनों की यात्रा प्लान की। उन्होंने बताया, उनकी बेटी को 2 पोतियों के साथ अमेरिका से अफ्रीका आना था। बेंगलुरु की फ्लाइट 1 घंटा 45 मिनट देरी से रवाना हुई। दिल्ली पहुंचने पर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन के कर्मचारियों ने कहा, बोर्डिंग गेट बंद हो गए हैं।
बकौल रामभद्रन, हमारे सामान की पहले से जांच हो चुकी थी। लेकिन कड़ाके की ठंड में करीब 4 घंटे इंतजार कराया गया। हमने अफ्रीका में गर्म मौसम के लिए पैक किया था। दिल्ली में बिना सर्दियों के कपड़े के 4 डिग्री सेल्सियस का तापमान झेलना पड़ा।
सेहत से जुड़ी परेशानी शेयर करते हुए रामभद्रन ने कहा, वे डायबिटिक हैं। चार घंटों के इंतजार के दौरान हमें कोई रिफ्रेशमेंट या सपोर्ट नहीं दिया गया। चीजें तब और बदतर हुईं जब हवाईअड्डे के अंदर शौचालय का उपयोग नहीं करने दिया गया।
76 साल के बुजुर्ग रामभद्रन की कंप्लेन के अनुसार, हमें बाहरी लोगों के लिए बने टॉयलेट की तरफ भेजा गया। कहा गया, उपयोग करने के लिए गोल चक्कर का रास्ता अपनाना होगा। अगले दिन किलिमंजारो की फ्लाइट में बुकिंग पर एअर इंडिया कर्मचारियों ने कहा कि कोई टिकट नहीं है।
रामभद्रन के अनुसार, "मेरी बेटी ने 4.75 लाख रुपये का भुगतान किया और उसी फ्लाइट में नए टिकट बुक किए, जिसके बारे में एअर इंडिया अधिकारियों ने दावा किया कि कोई टिकट उपलब्ध नहीं है।"
रामभद्रन लगातार मेक माई ट्रिप और एअर इंडिया से संपर्क करते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'एक साल के इंतजार के बाद हमने कानूनी नोटिस भेजा।' मई 2022 में दायर मामले में 17 अप्रैल, 2023 को अदालत का फैसला सांत्वना देने वाला रहा।












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