Air Force Day 2025: आजादी से पहले गठन, पहले था 'रॉयल' नाम, जानें भारतीय वायु सेना से जुड़ी खास बातें
Air Force Day 2025: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) आज यानी 8 अक्टूबर को अपनी स्थापना का 93वां वायुसेना दिवस मनाने जा रही है। यह वर्षगांठ एक विशेष गौरव के साथ मनाई जाएगी, क्योंकि इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' के वीर योद्धाओं को समर्पित किया गया है, जिसने भारतीय हवाई क्षेत्र की सुरक्षा में एक निर्णायक अध्याय जोड़ा।
यह समर्पण उन एयर वारियर्स के अदम्य साहस और पेशेवर दक्षता का सम्मान है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी देश की संप्रभुता को अक्षुण्ण रखा। वीरता की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, वायुसेना ने अपने योद्धाओं को उनके अद्वितीय पराक्रम और शौर्य के लिए कुल 97 वीरता पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सम्मान उन जांबाज़ों की बहादुरी का प्रतीक है, जिन्होंने कर्तव्य की पंक्ति में असाधारण कार्रवाई की।

भारतीय वायुसेना का इतिहास 93 वर्ष पुराना
- गठन की तिथि: वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश भारत में हुई थी। इसी दिन को याद करने के लिए हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है।
- प्रारंभिक नाम: शुरुआत में, इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स (Royal Indian Air Force - RIAF) के नाम से जाना जाता था।
- नाम में बदलाव: 1950 में भारत के गणतंत्र बनने के बाद, 'रॉयल' शब्द हटा दिया गया और इसे आधिकारिक तौर पर भारतीय वायुसेना कहा जाने लगा।
भारतीय वायुसेना: दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर शक्ति
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force - IAF) को उसकी विशाल मारक क्षमता और रणनीतिक तैयारी के कारण विश्व की चौथी (4th) सबसे ताकतवर वायुसेना माना जाता है। यह प्रतिष्ठित स्थान भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति और उसकी तकनीकी उन्नति का स्पष्ट प्रमाण है।
IAF के बेड़े का आकार और संरचना
- IAF की यह वैश्विक रैंकिंग उसके मजबूत बेड़े पर आधारित है, जिसमें कुल 2,229 विमान शामिल हैं। यह संख्या उसकी हवाई सुरक्षा और आक्रमण क्षमताओं को सुनिश्चित करती है।
- इस विशाल बेड़े में 53 उन्नत लड़ाकू जेट शामिल हैं, जो हवाई श्रेष्ठता स्थापित करने और दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं।
- सेना के त्वरित परिवहन, रसद सहायता और खोज तथा बचाव अभियानों के लिए IAF के पास 899 हेलीकॉप्टरों का बड़ा जखीरा है।
- इसके अलावा, 831 सहायक विमान हैं जो प्रशिक्षण, टैंकर और जासूसी (ISR) मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे वायुसेना की परिचालन क्षमता निरंतर बनी रहती है।
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शीर्ष 4 वैश्विक वायु शक्तियां
- अमेरिका: दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तकनीकी रूप से उन्नत वायुसेना, जो संख्या और नवाचार दोनों में अग्रणी है।
- रूस: एक विशाल और ऐतिहासिक रूप से ताकतवर वायुसेना, जो अपने भारी लड़ाकू विमानों और सामरिक बॉम्बर बेड़े के लिए जानी जाती है।
- चीन: एशिया की सबसे तेजी से उभरती हुई वायु शक्ति, जो घरेलू रूप से विकसित स्टील्थ जेट्स (जैसे J-20) के साथ लगातार अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है।
- भारत: एक बहु-भूमिका (multi-role) वाली वायुसेना, जो पश्चिमी और रूसी प्लेटफॉर्म (जैसे राफेल और सुखोई Su-30 MKI) के मिश्रण से सुसज्जित है।
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