AIIMS सर्वर अटैक को लेकर दिल्ली पुलिस ने CBI को लिखा पत्र, चीनी हैकरों के बारे में मांगी जानकारी

दिल्ली एम्स में इस साल 23 नवंबर को साइबर अटैक हुआ, जिसके कारण अस्पताल का सारा सर्वर ठप्प हो गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई द्वारा जबरन वसूली और साइबर आतंकवाद का मामला दर्ज किया गया था।

AIIMS cyber attack

Delhi Police AIIMS server attack: दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एम्स दिल्ली सर्वर अटैक के बारे में एक पत्र लिखा है। दिल्ली पुलिस ने पत्र लिखकर बताया है कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) साइबर हमले के मामले में इंटरपोल के माध्यम से चीनी हैकरों के बारे में जानकारी मांगी है। इंटरपोल से संपर्क सीबीआई नोडल एजेंसी करती है। एम्स सर्वर अटैक मामले पर सीबीआई से दिल्ली पुलिस ने पत्र लिखकर चीन और हांगकांग में हेनान से ईमेल आईडी के आईपी पतों के बारे में इंटरपोल से जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि इन्ही हैकरों ने साइबर हमले शुरू किए थे।

साइबर हैकरों ने एम्स की डिजिटल सर्विस को हैक किया और कथित तौर पर बड़ी संख्या में रोगियों के डेटा से छेड़छाड़ किया है। इसके साथ ही डेटा के बदले हैकरों ने क्रिप्टोकरेंसी में 200 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि भी मांगी है। देश के प्रमुख संस्थान के सर्वर कई दिनों तक डाउन रहे, जिससे आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) सर्विस प्रभावित हुई है।

दिल्ली पुलिस ने CBI से क्या-क्या जानकारी मांगी?

सीबीआई को लिखे पत्र में दिल्ली पुलिस ने पूछा है कि क्या इन आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कोई कंपनी कर रही है या कोई व्यक्ति। पुलिस ने चीन में इंटरनेट मुहैया कराने वाली कंपनी के बारे में भी जानकारी मांगी है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, दिल्ली पुलिस के इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) ने सीबीआई को लिखा है कि वे इंटरपोल से चीन और हांगकांग के हेनान से ईमेल आईडी के आईपी एड्रेस मांगे हैं।

साइबर सिक्योरिटी के डर के बीच सभी इमरजेंसी और जर्नल पेशेंट और लैब की सर्विस मैन्युअल रूप से प्रबंधित की गई थी। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-IN), दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए लगातार काम किया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा ने बताया कि जांच एजेंसियों की सिफारिशों के अनुसार एम्स में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं। दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई ने रैंसमवेयर अटैक के संबंध में 25 दिसंबर को केस दर्ज किया गया था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि एम्स, दिल्ली पर सर्वर अटैक चीन और हांगकांग से की गई थी।

एम्स ने फिर कैसे दोबार रिस्टोर किया डेटा

अधिकारियों ने दावा किया कि 100 सर्वरों में से, पांच भौतिक सर्वरों को हैकर्स घुसपैठ किया गया था। सूत्रों के मुताबिक साइबर अटैक का नुकसान और भी ज्यादा होता लेकिन वक्त रहते ही इसको संभाल लिया गया। डेटा को एक अप्रभावित बैकअप सर्वर दोबार जनरेट किया गया। एम्स को सर्वरों को दोबार फिर से रिस्टोर कर लिया गया है।

अधिकारियों ने कहा, ''ई-अस्पताल के डेटा के सर्वर को फिर से रिस्टोर कर लिया गया है। सर्विस को फिर से चालू करने से पहले नेटवर्क को साफ किया जा रहा है। इसलिए इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। आगे फिर से ऐसे साइबर अटैक ना हो इसके लिए साइबर सिक्योरिटी के ऊपर भी काम किए जा रहे हैं।''

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) एम्स दिल्ली के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक की जांच कर रही है। एनआईए के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दिल्ली साइबर अपराध सेल, भारतीय साइबर अपराध समन्वय, खुफिया ब्यूरो, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी साइबर हमले की जांच में लगे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+