VIDEO:'अग्निपथ' बवाल पर जनरल वीके सिंह का दो टूक जवाब- "अगर आपको नहीं लगती अच्छी स्कीम......"
नागपुर, 19 जून: सशस्त्र सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में बवाल होने पर केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने आंदोलनकारियों से दो टूक कहा है कि यह एक स्वैच्छिक योजना है और भारतीय सेना में शामिल होना किसी की अनिवार्यता नहीं है। यदि किसी को यह योजना अच्छी नहीं लगती तो उन्हें आने के लिए कह कौन रहा है? उन्होंने कहा कि बसें जला रहे हैं, ट्रेने जला रहे हैं, किसी ने कहा है कि हम आपको फौज में लेंगे? पहले आप हमारे मापदंडों पर तो खरे उतरो, उसके बाद फौज में लेंगे।

यह एक स्वैच्छिक योजना है- वीके सिंह
केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने रविवार को अग्निपथ योजना के विरोध करने के नाम पर बवाल काटने वाले आंदोलनकारियों को दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 'दो साल तक कोविड की वजह से कोई भर्ती नहीं हुई। यह मामला आया तो सरकार ने कहा कि योजना में 17.5 से 21 साल की स्कीम थी, जिसे हम बढ़ाकर 23 साल कर रहे हैं। इसका मतलब ये हुआ कि जो लोग इसमें छूट गए थे, वह अभी भी योग्य हैं। तो इसमें हिस्सा लीजिए.....अगर आप आना चाहते हैं तो आप आ सकते हैं...और यह एक स्वैच्छिक योजना है......इंडियन आर्मी एक स्वैच्छिक सेना है....'
"अगर आपको नहीं लगती अच्छी स्कीम मत आओ"
इसके बाद जनरल सिंह ने कहा कि '...हमारे यहां अनिवार्यता नहीं है। जिसको आना है वो आए......' इसके बाद उन्होंने दो टूक कह दिया कि जिसे यह योजना सही नहीं लग रहा, वो ना आए। उन्होंने कहा, "अगर आपको नहीं लगती अच्छी स्कीम मत आओ....भई आपको बोल कौन रहा है आने के लिए.....आप बसें जला रहे हो...ट्रेन जला रहे हो....किसी ने आपको बोला कि हम आपको फौज में लेंगे....पहले तो आप हमारे मापदंडों पर खरे उतरो ना....उसके बाद हम फौज में लेंगे आपको....."
'योजना वापस नहीं ली जाएगी'
इससे पहले रविवार को तीनों सेनाओं की ओर से एक प्रेस कांफ्रेंस करके अग्निपथ योजना को लेकर पैदा हुई गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश की गई। सेना की ओर से साफ कर दिया गया कि यह योजना वापस नहीं ली जाएगी। इसमें अग्निवीरों को दी जाने वाली रियायतों और विशेष सुविधाओं का भी जिक्र किया गया, साथ ही कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया के लिए 25 जून तक नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा और एक महीने के अंदर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। 21 नवंबर को देश के पहले अग्निवीर ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे। यही नहीं देश सेवा के दौरान वीर गति को प्राप्त करने वाले अग्निवीरों के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा भी मिलेगा।












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