हिमाचल सहित देश के तीन राज्यों में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, दहशत में लोग
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के बाद गुजरात और असम में भी गुरुवार को झटके महसूस किए गए हैं, प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुजरात के राजकोट में सुबह 7:40 बजे 4.5 की तीव्रता का भूकंप आया है, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने यह जानकारी दी है, तो वहीं असम के करीम गंज में आज 4.1 तीव्रता वाले भूकंप को महसूस किया गया है, जबकि इससे पहले आज तड़के हिमाचल के उना में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, वहां पर भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.3 मापी गई है, हालांकि अभी कहीं से भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, हालांकि झटकों के कारण लोग थोड़े दहशत में आ गए।

फिर कांपी धरती,दहशत में लोग
मालूम हो कि इससे पहले 14 जून को भी राजकोट में भूकंप आया था, तब विशेषज्ञों ने कहा था कि यह झटके किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं, हालांकि उस वक्त भी कोई नुकसान की खबर राज्य से नहीं थी, मालूम हो कि कोरोना संकट से जूझ रहे देश में पिछले कुछ महीनों से अब तक दिल्ली-NCR समेत पंजाब, हरियाणा, गौतमबुद्ध नगर, कश्मीर, गुजरात, हिमाचल और उत्तर प्रदेश के कई इलाके भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
क्या होते हैं भूकंप
भूकंप पृथ्वी की सतह के हिलने को कहते हैं। यह पृथ्वी के स्थलमंडल में ऊर्जा के अचानक मुक्त हो जाने के कारण उत्पन्न होने वाली भूकंपीय तरंगों की वजह से होता है। भूकंप बहुत खतरनाक भी हो सकते हैं और कुछ ही क्षणों में लोगों को गिराकर चोट पहुंचाने से लेकर पूरे नगर को ध्वस्त कर सकने की इसमें क्षमता होती है।

भूकंप से बचने के सेफ्टी टिप्स
- छत और नींव के पलास्तर में पड़ी दरारों की मरम्मत कराएं।
- यदि कोई संरचनात्मक कमी का संकेत हो तो विषेशज्ञ की सलाह लें। सीलिंग में ऊपरी (ओवरहेड) लाइटिंग फिक्सचर्स (झूमर आदि) को सही तरह से टांगें।
- भवन निर्माण मानकों हेतु पक्के इलाके में प्रासंगिक बीआईएस संहिताओं का पालन करें।

आपातकालीन टेलीफोन नंबरों को जरूर अपने पास रखें
- दीवारों पर लगे शेल्फों को सावधानी से कसें।
- नीचे के शेल्फों में बड़ी अथवा भारी वस्तुओं को रखें।
- भारी वस्तुओं को ऊपर कतई मत रखें।
- सांकल/चिटकनी वाली लकड़ी की निचली बंद कैबिनेटों में ऐसे सामान रखें, जो आसानी से टूट सकते हैं। जैसे चीनी मिट्टी के बर्तन आदि।
- आपातकालीन टेलीफोन नंबरों को जरूर अपने मोबाइल में सेव रखें (जैसे डाक्टरों, अस्पतालों, तथा पुलिस आदि के टेलीफोन नंबर)। स्वयं तथा परिवार के सदस्यों को भूकंप के बारे में जानकारी दें।












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