दिल्ली के बाद अब इन दो राज्यों पर AAP की नजर, सामने आया केजरीवाल का बड़ा प्लान
दिल्ली चुनाव के बाद क्या है केजरीवाल का अगला प्लान, दिग्गज नेता ने किया बड़ा खुलासा...
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। 11 फरवरी को घोषित हुए चुनाव नतीजों में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 62 सीटों पर जीत का परचम लहराया, वहीं भाजपा के खाते में महज 8 सीटें ही गईं। दिल्ली चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली धमाकेदार जीत के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल बिहार के विधानसभा चुनाव में भी अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी की तरफ से उनके अगले कदम का खुलासा कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश और गुजरात में AAP उतार सकती है उम्मीदवार
दिल्ली विधानसभा चुनावों में मिली भारी जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी ने अब देशभर में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री गोपाल राय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'लोग 9871010101 पर मिस्ड कॉल देकर हमारे राष्ट्र-निर्माण अभियान से जुड़ सकते हैं। जैसे ही पार्टी दिल्ली से बाहर कार्यकर्ताओं की एक अच्छी संख्या हासिल कर लेगी, तो हम देशभर में सभी निकाय चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारेंगे। फिलहाल हम मध्य प्रदेश और गुजरात में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहे हैं।'

सकारात्मक राष्ट्रवाद के जरिए आगे बढ़ेगी AAP
गोपाल राय ने आगे कहा, 'आम आदमी पार्टी ने 'सकारात्मक राष्ट्रवाद' के जरिए दिल्ली के बाहर अपना विस्तार करने के लिए रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक बैठक बुलाई थी। हमारी पार्टी का राष्ट्रवाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रवाद से पूरी तरह अलग है। दिल्ली के अंदर हमने लोगों को प्यार और सम्मान देकर एक सकारात्मक राष्ट्रवाद का प्रसार किया। वहीं, भाजपा का राष्ट्रवाद नफरत और विभाजनकारी राजनीति पर आधारित है। आम आदमी पार्टी का दिल्ली प्रयोग पूरे देश के लिए एक 'रोल मॉडल' बन गया है।
Recommended Video

'भाजपा के लिए धर्म है एक राजनीतिक हथियार'
दिल्ली के नए मंत्री के तौर पर रविवार को शपथ लेने जा रहे गोपाल राय ने बताया, 'हमारा राष्ट्रवाद किसानों सहित समाज के हर वर्ग को रोजगार, अच्छी शिक्षा और हेल्थ केयर की गारंटी देता है। दूसरी तरफ, भाजपा देश के लोगों का ही सम्मान नहीं करती। वो लोग हर आदमी को एक वोट बैंक के तौर पर देखते हैं।' गोपाल राय ने उन आरोपों का खंडन किया, जिनमें कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल मंदिरों में जाकर और हनुमान चालीसा पढ़कर सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चल रहे हैं। गोपाल राय ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी के लिए धर्म एक राजनीतिक हथियार है, लेकिन इस देश के लोगों के लिए धर्म एक आस्था है।

2015 में भी मिला था AAP को प्रचंड बहुमत
आपको बता दें कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था। 2015 में आम आदमी पार्टी को 67 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि भाजपा के खाते में महज 3 सीटें गईं। कांग्रेस का प्रदर्शन 2015 के विधानसभा चुनाव में बेहद खराब रहा था और उसे एक भी सीट नहीं मिल पाई थी। इस बार के दिल्ली चुनाव में शाहीन बाग इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन भी एक बड़ा मुद्दा रहा, जिसे लेकर कई तरह के विवादित बयान सामने आए।












Click it and Unblock the Notifications