तलाक देने के लिए तीन साल से अपनी पत्नी को ढूंढ रहा अफगानी शख्स, हैदराबाद में मिली
अफगानिस्तान से आकर भारत में बस गए एक शख्स ने अपनी पत्नी को ढूंढने के लिए चार महीनों तक हैदराबाद में डेरा डाले रखा। साल 2013 में अफगानिस्तान से आकर मसूद मोहम्मद याकुब अपने पूरे परिवार के साथ भारत में बस गया था।
नई दिल्ली। अफगानिस्तान से आकर भारत में बस गए एक शख्स ने अपनी पत्नी को ढूंढने के लिए चार महीनों तक हैदराबाद में डेरा डाले रखा। साल 2013 में अफगानिस्तान से आकर मसूद मोहम्मद याकुब अपने पूरे परिवार के साथ भारत में बस गया था। इसके दो साल बाद ही उसकी पत्नी बच्चों के साथ उसे छोड़कर चली गई। तभी से मसूद अपनी पत्नी और बच्चों की तलाश में था। लगभग ढाई साल के इंतजार के बाद मसूद को उसकी पत्नी और बच्चे हैदराबाद में मिले। अब वो अपनी पत्नी से कानूनी तौर पर तलाक लेना चाहता है।

मसूद मोहम्मद याकुब अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अफगानिस्तान से आकर भारत में बस गए थे। सितंबर 2015 में मसूद की पत्नी निलोफर अपने बच्चों संग उसे छोड़कर फरार हो गई। उसने मसूद के लिए एक नोट भी लिखा जिसमें उसने अपने परिवार के पास कनाडा में जाकर बसने की बात कही। बीवी और बच्चों के जाने से परेशान मसूद ने उसे ढूंढने का फैसला लिया। मसूद पिछले दो सालों से विभिन्न एजेंसी, पुलिस स्टेशन और अफगानिस्तान एंबेसी को लिख चुका है।
उसने निलोफर और बच्चों को ढूंढने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन कहीं से कोई आशा की किरण ही नहीं दिखी। फिर चार महीने पहले मसूद को हैदराबाद से एक जानने वाले का फोन आया जिसने उसे बताया की निलोफर हैदराबाद के तोलीचौकी में रह रही है। इसके बाद मसूद ने हैदराबाद की गोलकोंडा पुलिस से मदद मांगी। गोलकोंडा पुलिस ने मसूद को बताया कि निलोफर ने जलालुद्दीन अखबर नाम के शख्स से शादी कर ली है।
मसूद ने इसके बाद अफगानिस्तान एंबेसी को लिखा कि उसकी पत्नी बिना उसे तलाक दिए एक भारतीय शख्स के साथ रह रही है। 'मुझे मालूम चला है कि उसका उस रिश्ते से एक बच्चा भी है। मुझे नहीं मालूम कि वो दोनों शादीशुदा हैं या नहीं लेकिन मैं उसे कानूनी तौर पर तलाक देना चाहता हूं। मैं अपने बच्चों को घर लाना चाहता हूं।' मसूद चार महीने से अपनी पत्नी की तलाश में हैदराबाद में ही रह रहा था जब उसे अकबर की पत्नी का फोन आया। उसने मसूद को बताया कि उसकी पत्नी राजेंद्र नगर में अकबर के साथ रह रही है।
राजेंद्र नगर पुलिस ने निलोफर और उसके बच्चों को कस्टडी में ले लिया है। निलोफर के पास से फर्जी आधार और वोटर आईडी कार्ड भी मिला है। फर्जी दस्तावेज रखने के आरोप में निलोफर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।
ये भी पढ़े: गुजराती लड़के को हुआ ब्राजीलियन लड़की से प्यार,भारतीय परंपरा के साथ हुई शादी












Click it and Unblock the Notifications