Adani Hindenberg विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में क्या कहेगी सरकार, सुनिए वित्त मंत्री सीतारमण का जवाब
अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पूछा गया कि सरकार अदालत को क्या बताएगी ? जानिए वित्त मंत्री ने क्या जवाब दिया।

Adani Hindenberg विवाद पर भारत की सबसे बड़ी अदालत- सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। शेयर बाजार की स्थिति, निवेशकों को नुकसान और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से जुड़े एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, "भारतीय नियामक बहुत अनुभवी हैं। वे इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शेयर मार्केट रेगुलेटर हमेशा की तरह गंभीरता से काम कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि गंभीरता केवल अडानी का मामला सामने आने के बाद दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि नियामक स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं, इसलिए सरकार इस मामले को उनके पास ही छोड़ने के पक्ष में है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कमेंट से जुड़े एक सवाल पर कहा कि नियामक पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आरबीआई बोर्ड की बैठक के बाद अडानी-हिंडनबर्ग मामले में मीडियाकर्मियों के सवालों पर कहा, "भारत के नियामक बहुत अनुभवी हैं और वे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। नियामकों को इस मामले की बहुत जानकारी है। वे हमेशा की तरह अपने मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि वे केवल अभी सक्रियता दिखा रहे हैं। इसलिए मैं फिलहाल इस मामले में कोई बयान वहीं दूंगी।" वित्त मंत्री ने कहा, "जाहिर तौर पर आप यह उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि मैं मीडिया को वह बातें बताउंगी जो सरकार अदालत में कहेगी।"
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अडानी विवाद में शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, "क्या हम हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करेंगे कि एक ऐसा तंत्र हो जिससे ऐसे मामले दोबारा सामने न आएं ? सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम नीतिगत मामलों में नहीं पड़ना चाहते। यह सरकार का क्षेत्राधिकार है।
सुप्रीम कोर्ट ने वित्त मंत्रालय और सेबी से जवाब मांगा कि निवेशकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए ? गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग उस मामले पर सुनवाई कर रही है जिसमें हिंडनबर्ग ने अडानी समूह के खिलाफ स्टॉक हेरफेर के आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखी गई।
आरबीआई की बैठक से पहले भी वित्त मंत्री ने इस मुद्दे को लेकर निवेशकों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया था। उन्होंने जोर देकर कहा है कि इस एक घटना का अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की छवि पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सीतारमण ने पहले कहा था कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) दोनों ने बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अडानी की कंपनियों में इनके शेयर बेहद कम हैं। इनका एक्सपोजर अनुमत सीमा के भीतर ही था।












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