सरकार का दावा दिसंबर तक लग जाएगी वैक्सीन, अगर यही स्पीड रही तो जानिए कितना लगेगा वक्त?
नई दिल्ली, जून 1: देश में साल की शुरुआत में कोरोना की टीकाकरण देशवासियों के लिए खुशी लेकर आया था। देश में 16 जनवरी से शुरू हुए वैक्सीनेशन में सबसे पहले फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोनारोधी खुराक दी गई थी। फिर उसके बाद दूसरे चरण में बुजुर्ग को वैक्सीन लगाई गई। वहीं अब तीसरे चरण में 18 वर्ष से ज्यादा की उम्र के लोगों को कोरोना की खुराक दी जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है किया क्या दिसंबर के अंत तक भारतीयों को टीका लगाया जा सकता है?

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देश में चल रहे टीकाकरण की वर्तमान दर के मुताबिक देश के सभी वयस्कों को पहली खुराक देने में 8 महीने लग सकते हैं, जो दिसंबर 2021 तक दोनों खुराक प्रदान करने के केंद्र सरकार के लक्ष्य से काफी आगे है। द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार तक लगभग 16.7 करोड़ लोगों को पहली खुराक दी जा चुकी है। आरएस शर्मा जो CoWin पोर्टल की देखरेख करने वाली तकनीकी समिति के अध्यक्ष हैं। उनकी पिछले हफ्ते के एक नोट के अनुसार केंद्र को 94.4 करोड़ वयस्कों के टीकाकरण की उम्मीद है।
दिसंबर 2021 तक टीकाकरण का दावा
इधर भारत के COVID टीकाकरण अभियान की अगुवाई कर रहे कई कैबिनेट मंत्रियों और नीति सलाहकारों ने दावा किया है कि भारत दिसंबर तक "सभी योग्य" टीकाकरण करेगा। पिछले हफ्ते से देश में लगातार दिनों में एक दिन में 30 लाख खुराकें दीं। 45 दिनों के बाद प्रति दिन 20 लाख से कम खुराक दी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मानते हुए कि गति जारी रहेगी, लक्षित वयस्कों को पूरा करने में 256 दिन या आठ महीने से अधिक का समय लगेगा।
कवरेज की गति बढ़ाने की जरूरत
वहीं बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को कहा कि यह न केवल लोगों के स्वास्थ्य के लिए बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीके की खुराक में वृद्धि हुई है, लेकिन आबादी के लिए कवरेज की गति बढ़ाने की जरूरत है। स्वामी ने मार्च 2021 के समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए जीडीपी आंकड़ों पर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा था कि टीकाकरण लेने की गति अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक और कोविड-19 लहर की संभावना को कम करने में मदद करेगी और इस तरह आर्थिक सुधार को भी सकारात्मक रूप से सक्षम करेगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया था कि कोरोना वैक्सीन की लगभग 12 करोड़ खुराक जून में उपलब्ध होगी, जबकि मई में यह 7.94 करोड़ खुराक थी। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपूर्ति का आवंटन खपत पैटर्न, जनसंख्या और वैक्सीन की बर्बादी पर तय किया जाता है। उदारीकृत मूल्य निर्धारण और त्वरित राष्ट्रीय कोविड -19 टीकाकरण रणनीति के अनुसार, उपलब्ध वैक्सीन खुराक का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मुफ्त में दिया जाता है। टीके की काबी 50 प्रतिशत खुराक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ निजी अस्पतालों द्वारा वैक्सीन निर्माताओं से सीधे खरीद के लिए उपलब्ध है।












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