मोदी सरकार के लिए एक और चिंताजनक खबर, अनलॉक के बाद भी अक्टूबर में बढ़ी बेरोजगारी दर
नई दिल्ली: कोरोना महामारी की वजह से देश की विकास दर माइनस में चल रही है। इस बीच मोदी सरकार के लिए एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। निजी थिंक-टैंक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने बेरोजगारी को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। जिसके मुताबिक अनलॉक के बाद भी अक्टूबर में भारत की बेरोजगारी दर पिछले महीने की तुलना में 6.67 प्रतिशत से बढ़कर 6.98 प्रतिशत हो गई है। वहीं मनरेगा और फसल कटाई के मौसम के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर जो सितंबर में 5.86 प्रतिशत थी, वो 6.90 प्रतिशत हो गई है।

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रिपोर्ट के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में रोजगार को लेकर स्थित में थोड़ा सुधार हुआ है। इन इलाकों में जहां सितंबर में बेरोजगारी दर 8.45 प्रतिशत थी, तो वहीं अब ये 7.15 प्रतिशत हो गई है। राज्यों की बात करें तो हरियाणा में सबसे ज्यादा 27.3 प्रतिशत बेरोजगारी दर देखी गई। उसके बाद राजस्थान में 24.1 प्रतिशत और जम्मू-कश्मीर में ये आंकड़ा 16.1 प्रतिशत है। वहीं यूपी में बेरोजगारी दर 3.8%, बिहार में 9.8%, एमपी में 3.1%, गुजरात में 4% और महाराष्ट्र में 4.1 प्रतिशत रही।
सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक 2020 के पहले नौ महीनों के दौरान यानी 30 सितंबर तक 9.9 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का कार्यान्वयन रोक दिया गया था। इसके अलावा इसी अवधि के दौरान 9.2 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी पुनर्जीवित किया गया। वहीं सीएमआईई की CapEx सर्विस, जो परियोजनाओं को ट्रैक करती है, ने जुलाई की शुरूआत में बताया था कि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान लॉकडाउन के कारण 9.7 लाख करोड़ रुपये की 674 परियोजनाएं ठप हो गई थीं। इसके बाद 6200 करोड़ रुपये की अन्य आठ परियोजनाएं अप्रैल-जून वाली तिमाई में बंद हुईं।












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