चाय तो दिखावा थी, पाक ने अभिनंदन पर ढाए कई जुल्म, देश के राज उगलवाने के लिए ऐसे किया टॉर्चर
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नई दिल्ली। इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के पायलट विंग कमांडर इन दिनों देश के हीरो हैं। विंग कमांडर अभिनंदन उस टीम का हिस्सा थे जिसने 27 फरवरी को जम्मू कश्मीर के दाखिल हुए पाकिस्तान एयरफोर्स के फाइटर जेट्स को खदेड़ा था। अभिनंदन ने अपने मिग-21 से पाकिस्तान के जेट एफ-16 को गिराया था। लेकिन इसकी वजह से वह पाक के कब्जे वाले कश्मीर में जा पहुंचे थे। अभिनंदन को पाक ने अपने कब्जे में ले लिया था। एक मार्च को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के आदेश के बाद अभिनंदन वापस देश पहुंचे हैं। पाक सेना के कब्जे वाले उनके 52 घंटे काफी दर्दनाक रहे। विंग कमांडर अभिनंदन को न सिर्फ पीटा गया बल्कि उन्हें सोने तक नहीं दिया गया था। अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की ओर से इसकी जानकारी दी गई है।

विंग कमांडर की डि-ब्रीफिंग जारी
विंग कमांडर अभिनंदन अमृतसर के वाघा बॉर्डर के रास्ते पिछले शुक्रवार को देश वापस लौटे हैं। इस समय उनकी डि-ब्रीफिंग चल रही है। इस डि-ब्रीफिंग से जुड़े अधिकारियों के हवाले से अखबार ने यह बात लिखी है। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि विंग कमांडर अभिनंदन जब जेट से इजेक्ट होकर पीओके में गिरे और उन्हें पाकिस्तान आर्मी ने पकड़ लिया। इस दौरान पाक ने उनसे भारतीय सेना के बारे में कई संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश की।

पहले 24 घंटों में जानकारियां हासिल करने की कोशिशें
विंग कमांडर अभिनंदन से पाक सेना ने पहले 24 घंटे में सैनिकों की तैनाती, हाई-सिक्योरिटी रेडियो फ्रिक्वेंसी और संवदेनशील ठिकानों के बारे में गोपनीय सूचनाएं हासिल करने के प्रयास किए गए थे। लेकिन कई प्रयासों के बाद भी 35 वर्षीय विंग कमांडर का हौसला नहीं टूटा। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि विंग कमांडर को सोने को भी नहीं मिला। कई बार तो उन्हें पाकिस्तान की सेना के जवानों ने पीटा भी। जिस समय वह पाक सेना के कब्जे में थे, उस समय कई घंटों तक उन्हें खड़ा रहने को मजबूर किया गया। यह भी पढ़ें-क्या हुआ था 27 फरवरी को कैसे विंग कमांडर अभिनंदन पहुंचे थे पीओके

एलओसी पर सैनिकों की तैनाती जानने की कोशिशें
काफी तेज आवाज में म्यूजिक बजाया जाता था जिससे वह कन्फ्यूज हो जाएं और उन्हें असुविधा हो। पाक अधिकारियों ने उनसे उन फ्रिक्वेंसी के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिशें कीं जिनका प्रयोग आईएएफ मैसेज भेजने, फाइटर जेट्स को डेप्लॉय करने और लॉजिस्टिकल अरजेंमेंट्स के लिए करती है। एयरफोर्स अधिकारियों की मानें तो आईएएफ पायलट्स को यह बताया जाता है कि अगर उन्हें पकड़ लिया जाए तो उन्हें सूचनाओं को किस तरह से दुश्मन के हाथ लगने से रोकना है।

नाजुक थे पहले 24 घंटे
पहले 24 घंटे इसलिए काफी नाजुक होते हैं क्योंकि इसके बाद डेप्लॉयमेंट्स से लेकर फ्रिक्वेंसी बदल दी जाती है ताकि किसी भी तरह का फायदा दुश्मन न उठा सके। विंग कमांडर अभिनंदन ने ऐसा ही किया। आईएएफ की इस समय तीन से चार टीमें विंग कमांडर अभिनंदन की डि-ब्रीफिंग का जिम्मा संभाल रही हैं। अभिनंदन को बैठने को नहीं दिया गया और उन्हें हर समय एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाया गया था। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान एयरफोर्स (पीएएफ) विंग कमांडर अभिनंदन से सवाल कर रही थी लेकिन वह ज्यादातर समय पाक सेना के कब्जे में थे। यह भी पढ़ें-मातृभूमि की रक्षा के लिए विंग कमांडर अभिनंदन की मां ने बेटे को ऐसे किया तैयार

घायल विंग कमांडर घंटों तक खड़े रहने को मजबूर
जिस समय अभिनंदन इजेक्ट होकर पीओके में गिरे उन्हें शुरुआती घंटों में कोई भी उपचार नहीं मुहैया कराया गया। इससे अलग उन्हें घंटों खड़ा रखा जाता था, उन्हें इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह कभी-कभी सांस भी नहीं ले पाते थे। यहां तक की पाक सेना के जवानों ने उन्हें पीटा भी। पाक ने यह सब कुछ विंग कमांडर अभिनंदन से गुप्त जानकारियां हासिल करने की कोशिशों के तहत किया। विंग कमांडर अभिनंदन इन सबसे बिल्कुल भी नहीं टूट और उन्हें देश का एक भी राज दुश्मन के हाथ नहीं लगने दिया।












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