महज 90 सेकंड में अभिनंदन ने कैसे ढेर किया मिग-21 से पाकिस्तान का एफ-16
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नई दिल्ली। विंग कमांडर अभिनंदन आज देश वापस लौट रहे हैं। मंगलवार को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) ने हवाई हमले किए। इन हमलों से बौखलाए पाकिस्तान ने बुधवार को भारत की सीमा में अपने फाइटर जेट भेज दिए। पाकिस्तान एयरफोर्स के एफ-16 फाइटर जेट्स ने कश्मीर में घुसपैठ की। आईएएफ ने इन जेट्स का पीछा किया और इन्हीं जेट्स में से एक जेट था रूस का बना मिग-21 जिसे उड़ा रहे थे विंग कमांडर अभिनंदन। अभिनंदन ने सिर्फ 90 सेकेंड्स के अंदर एफ-16 को ढेर कर दिया। अभिनंदन ने जो कारनामा किया है, वह कोई मामूली बात नहीं हैं। विं कमांडर अभिनंदन ने फोर्थ जनरेशन के फाइटर जेट को 60 के दशक के जेट से गिराया और उन्होंने जो किया है अब वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है।

आईएएफ और अभिनंदन की उपलब्धि
गुरुवार को इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की ज्वॉइन्टप्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की पुष्टि कर दी गई कि विंग कमांडर अभिनंदन ने एफ-16 को ढेर किया। अभिनंदन ने राजौरी जिले के नौशेरा तक आ गए एफ-16 को लौटने ही नहीं दिया। एयर मार्शल (रिटायर्ड) बीके पांडेय ने वन इंडिया हिंदी के साथ बातचीत में कहा, 'निश्चित तौर पर यह एक उपलब्धि है। विंग कमांडर अभिनंदन ने जो कुछ भी किया उसने यह साबित कर दिया है कि इंडियन एयरफोर्स और इसके पायलट कुछ भी करने का दम रखते हैं।' इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स ने एक सीनियर ऑफिसर के हवाले से लिखा है कि 90 सेकेंड्स में एफ-16 ने दो अमेरिकी एमराम मिसाइलों को दागा था।

एफ-16 के अलावा जेएफ-17 और मिराज भी
बुधवार को जम्मू के राजौरी जिले के नौशेरा में पाकिस्तान एयरफोर्स के करीब 12 फाइटर जेट्स दाखिल हुए थे। इनमें से अमेरिका में बने एफ-16 के अलावा फ्रांस के मिराज और चीन के जेएफ-17 जेट्स भी थे। जैसे ही अवैक्स ने इन जेट्स की आहटों को डिटेक्ट किया, आईएएफ अलर्ट हो गई। इसके तुरंत बाद अवंतिपोरा, श्रीनगर और दूसरे एयरबेस से फाइटर जेट्स रवाना किए गए। मिग-21 सबसे करीब थे इसलिए उन्होंने पाक फाइटर जेट्स का पीछा किया। यहां से ही दोनों देशों के फाइटर जेट्स के बीच आसमान में डॉगफाइट शुरू हुई।

दोनों जेट्स के बीच 40 वर्ष का अंतर
विंग कमांडर अभिनंदन ने मिग-21 से अमेरिकी के फोर्थ जनरेशन फाइटर जेट एफ-16 पर निशाना लगाया। उन्होंने जो किया वह इतिहास में पहली बार है। इंडियन एयरफोर्स में यह कारनामा करने वाले अभिनंदन पहले पायलट बन गए हैं। उन्होंने 50 के दशक के मिग से 90 के दशक के एफ-16 को गिराया। दोनों जेट्स के उत्पादन में 40 वर्ष का अंतर है। मिग-21 को रूस ने सन् 1958 में निर्मित किया था। वहीं एफ-16 1998 का बना जेट है। एक मिग-21 की कीमत सिर्फ दो मिलियन डॉलर है तो वहीं एक एफ-16 18.8 मिलियन डॉलर का है। दोनों की रफ्तार में भी काफी अंतर है। मिग-21 जहां 2,229 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है तो वहीं एफ-16 2,414 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।

कैसे अभिनंदन ने लगाया निशाना
मिग-21 ने उस समय एफ-16 को घेरा जब मिग करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर था और एफ-16 करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर थी। एफ-16 पर बेहतर तरह से हमला करने के लिए मिग-21 को अभिनंदन कुछ और ऊपर लेकर गए। एफ-16 करीब 26,000 फीट की ऊंचाई पर चला गया था। तभी अभिनंदन ने अपने कौशल का प्रयोग किया और अपने एयरक्राफ्ट को पाकिस्तान एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट के पीछे ले गए।

क्यों खास हो गए हैं अभिनंदन
अभिनंदन ने रूस की बनी वाइम्पल आर-73 मिसाइल को एफ-16 पर दागा। यह एक असाधारण घटना है। मिग-21 ने कोल्ड वॉर के दौरान एक एफ-16 को गिराया था। जिस मिग-21 से अभिनंदन ने एफ-16 को गिराया है वह सन् 1980 में आईएएफ का हिस्सा बना था। यह मिग-21 अपग्रेडेड तो हैं लेकिन इनकी डिजाइन पुरानी ही है। फोर्थ जनरेशन के फाइटर जेट को इस 60 के दशक के जेट से गिराने के लिए असाधारण कौशल की जरूरत होती है। एक विशेषज्ञ की मानें तो यह बिल्कुल वैसा ही जैसा किसी ऑटोमोबाइल रेस में बीएमडब्लू का पीछा मारूति 800 कर रही हो।












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