आरुषि मर्डर मिस्ट्री के अनसुलझे सवाल, आज मिलेगा जबाव
नयी दिल्ली। साढ़े पांच साल के लंबे इंतजार के बाद आज देश के सबसे बड़े मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठ जाएगा। आज देश को उन सारे अनसुलझे सवालों का जवाब मिल जाएगा जिसका जवाब खोजने में यूपी पुलिस और सीबीआई की टीम पूरी तरह से विफल रही है। देश के सामने इन सारे रहस्यों से पर्दा उठा जाएगा।
नोएडा के जलवायु विहार के एल-32 फ्लैट में 15 मई 2008 की रात को क्या हुआ, आरुषि और उसके नौकर हेमराज की हत्या किसने और कैसे की, कौन हेमराज की लाश राजेश तलवार के घर की छत पर ले गया और सबसे बड़ा सवाल कि आरुषि-हेमराज के कत्ल का मकसद क्या था? इन सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे।
इस केस को हल करने में सीबीआई को साढ़े पांच साल का वक्त लग गया। आइए आपको बताए इस केस के उन अनसुलझे सवालों के बारे में जिसका जबाव ढ़ूढ़ते सीबीआई और पुलिस को इतना वक्त लगा गया।

कहां है हत्या का हथियार?
हत्या के साढ़े 5 साल बीत जाने के बाद भी पुलिस और सीबीआई आज तक हत्या के हथियार को ढ़ूढ़ नहीं पाई। पुलिस को वो सर्जिकल ब्लेड मिले जिसके की आरुषि और हेमराज का गला रेता गया।

दीवार पर खूनी पंजे का निशान किसका?
घर की छत से जहां हेमराज का शव मिला वहां दीवार पर खून से सने पंजे का निशान था, लेकिन पुलिस और सीबीआई की टीम इस बात का पता नहीं लगा पाई कि आखिर ये पंजा किसके हाथों का है?

स्कॉच की बोतल पर किसके निशान?
पुलिस के मुताबिक आरुषि की हत्या के बाद उसके कमरे से स्कॉच की बेतल मिली। पुलिस मान रही थी कि राजेश तलवार ने हत्या करने के बाद तनाव में आकर शराब पी होगी, लेकिन बोतल से राजेश तलवार के हाथों के फिंगर प्रिंट नहीं मिले।

सीढ़ियों पर किसके खून?
पुलिस के मुताबिक तलवार दंपत्ति ने नौकर हेमराज की हत्या छत पर ले जाकर की। ऐसे में सीढ़ियों में मिले खून के निशान किसके थे?

आरुषि के खून से सने कपड़े कहां?
सीबीआई के मुताबिक आरुषि की हत्या कम रे में की गई। ऐसे में खून से सने उसके कपड़े और बेडशीट कहां है?

आरुषि-हेमराज का फोन कैसे गायब हुआ?
हत्या के बाद हेमराज और आरुषि का फोन गायब हो गया। जबकि सुबह नौकरा नी के आने के बाद नूपुर तलवार ने होमराज के फोन पर बात की, जिसे किसी ने रिसीव कर फौरन काट दिया।

फिंगर प्रिंट के साथ छेड़छाड़
मौके पर खून के धब्बे और फिंगर प्रिंट के सैंपल नहीं लिए गए। कमरे में आने-जाने पर कोई रोक नहीं लगाई गई, जिससे अहम साक्ष्य मिट गए।

पुलिस ने क्यों बरती लापरवाही
पुलिस ने नमूने लेने में लापरवाही बरती। खून, बेडशीट व गद्दे के नमूने से छेड़छाड़ की गई।

हत्या के बावजूद छत पर नहीं गई
आरुषि की हत्या के बावजूद यूपी पुलिस छत पर नहीं गई। आरुषि का हत्यारा समझ कर हेमराज की खोज शुरू कर दी गई, जबकि हेमराज का शव छत पर पड़ा था।

2 घंटे देर से क्यों पहुंचे एक्सपर्ट
हत्या की सूचना मिलने के बाद फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट दो घंटे के बाद मौके पर पहुंचे, उस समय तक कई साक्ष्य मिट चुके थे।

पुलिस ने क्यों बरती लापरवाही
हत्या के पहले दिन पुलिस ने लैपटॉप व कंप्यूटर जब्त नहीं किया। सामान जब्त किए जाने तक डाटा से छेड़छाड़ की गई।

राजेश तलवार पर शक
आरुषि के पिता राजेश तलवार आधी रात में कुछ आहट सुनने के बजाए बदल में आरुषि के कमरे में जाने के बजाए 40 फीट की दूरी पर बने हेमराज के कमरे में पहले क्यों गए?

सबूत के बजाए गिरफ्तारी क्यों?
यूपी पुलिस हत्या के बाद सबूत जुटाने के बजाए गिरफ्तारी पर फोकस करती रही।












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