मनोरोगी और झूठे हैं 'आम आदमी पार्टी' के सभी नेता: अरूण जेटली

अरूण जेटली ने अपना पक्ष रखते हुए अपने फेसबुक पेज पर जनता से जवाब मांगा है-
1. न तो मुझे और न ही नरेंद्र मोदी को पता है कि ये मदनलाल नाम के व्यक्ति कौन हैं?
2. उनका कहना है कि मैंने सात दिसंबर को उनसे मिलने के लिए उन्हें फोन किया था।
3. मदनलाल को न तो फोन करने वाले का नाम पता है और न ही यह पता है कि यह फोन कहां से आया। उन्होने अपना कॉल डेटा भी नहीं चेक किया कि क्या वाकई कोई ऐसा कॉल उनके पास आया है।
4. उनका कहना है कि 7 दिसंबर को उनके पास कॉल आयी, जबकि दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम 8 दिसंबर को आये थे। किसी को नहीं उम्मीद थी कि वह विधायक बन भी पाएंगे या नहीं। ऐसे में जब चुनाव परिणाम आये ही नहीं थे तो कोई सरकार गिराने के लिए फोन कैसे कर सकता है?
5. इसके बाद उनका कहना है कि गुजरात से किसी व्यक्ति ने उन्हें फोन कर रिश्वत की पेशकश की।
6. वह उस व्यक्ति का नाम और पद नहीं जानते हैं, जिसने उन्हें फोन किया और रिश्वत की पेशकश की।
7. उन्होने अपनी पार्टी नेताओं के आदेश को नहीं माना कि जिसमें कहा गया कि 'रिश्वत कोई दे तो मना मत करना बल्कि उससे सेटिंग कर लेना। जिससे उसे पकड़ा जा सके।
8. वो दस दिनों तक चुप क्यों रहे?
9. ये अजीब सी बात है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव शकील अहमद ने कथित रिश्वत कांड में मदनलाल के प्रेस कांफ्रेंस करने से एक घंटे पहले कथन दिया। इन बातों से स्पष्ट हो जाता है कि सच क्या है? इससे पता चलता है कि आप नेता झूठ बोल रहे हैं और उनके आरोपों का कोई आधार नहीं है।












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