चीन के 9 नागरिक भी हुए थे निजामुद्दीन मरकज में शामिल, 2041 विदेशियों तक पहुंचा आंकड़ा
नई दिल्ली- दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को पता चला है कि तबलीगी जमात के मरकज में सौ-दौ सौ ही नहीं, दो हजार से ज्यादा विदेशी शामिल हुए थे। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यहां चीन के नागरिक भी आए हुए थे, जहां से कोरोना वायरस निकल कर आज पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि उन सारे लोगों का पता कैसे लगाया जाए, जो इस मरकज में शामिल हुए और जो लोग यहां आने वालों के संपर्क में आ चुके हैं। क्योंकि, उनकी वजह से कोरोना संक्रमण की आशंका बहुत बढ़ चुकी है और क्राइम ब्रांच अपनी पूरी ताकत से ऐसे लोगों की पुख्ता पहचान में जुट गई है। गौरतलब है कि उन पांच ट्रेनों के यात्रियों की पहचान पहले से ही की जा रही है, जो मरकज में शामिल हुए लोगों के संपर्क में आ चुके हैं।
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निजामुद्दीन मरकज में चीन के 9 नागरिक भी शामिल हुए
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में हुए मरकज कांड की जांच जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, रोज नया खुलासा हो रहा है। अब ये जानकारी सामने आई है कि तबलीगी जमात के मरकज में चीन के 9 नागरिक भी आए थे, जहां से कोविड-19 वायरस पूरे यूरोप और अमेरिका को तबाह कर रहा है और भारत में भी हाहाकार मचाए हुए है। बता दें कि अब तक की जांच में मरकज में शामिल कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं और करीब 10 लोगों की मौत भी हो चुकी है। बता दें कि पिछले दिनों तबलीगी जमात के खिलाफ ऑपरेशन चलाकर करीब 300 विदेशी नागरिकों को वहां से जबरन निकाला गया है और उन्हें दिल्ली के अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटर या अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।

67 देशों के 2,041 नागरिक पहुंचे थे
बता दें कि तबलीगी जमात के मरकज से लोगों को निकालने के लिए सरकार को बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ी थी और उसका सरगना तब जाकर लोगों को निकालने के लिए तैयार हुआ था, जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने जाकर उसे अच्छी तरह से संक्रमण के खतरे के बारे में समझाया था। अब जांच में ये बात सामने आ रही है कि इस जमात में करीब बीस देशों के तीन सौ नहीं, बल्कि 67 देशों के 2,041 नागरिक जुटे थे। इनमें इंडोनेशिया से 553, बांग्लादेश से 497, थाईलैंड से 151, किर्गिस्तान से 145, मलेशिया से 118 और बाकी देशों के 577 नागरिक शामिल थे, जिनमें चीन भी है। बता दें कि मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देश कोरोना वायरस से बुरी तरह संक्रमित हैं।

मुख्य आरोपी मौलाना साद फरार
बता दें कि लॉकडाउन और उससे पहले लगाई गई पाबंदियों का उल्लंघन करते रहने और बार-बार पुलिस की ओर से हिदायत के बावजूद निजामुद्दीन के बंगले वाली मस्जिद में भीड़ जुटाए रहने को लेकर तबलीगी जमात के सरगना मौलाना साद समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज है, लेकिन उसके बाद से साद फरार हो चुका है। यही नहीं अब तक की जांच में ये बात भी सामने आई थी कि करीब 281 विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर आए थे, लेकिन उन्होंने वीजा नियमों का उल्लंघन करके धार्मिक आयोजनों में शिरकत किया। इसके लिए उन सबके खिलाफ वीजा नियमों के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

संपर्क में आए लोगों की पहचान की कोशिश
गौरतलब है कि निजामुद्दीन मरकज में देश के तकरीबन हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के शामिल होने की आशंका है। इसीलिए आशंका है कि जो लोग यहां से निकलकर देश के अलग-अलग भागों में गए हैं, उनमें कोरोना संक्रमण की ज्यादा आशंका है। अकेले तेलंगाना में यहां पहुंचे 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मुंबई फिलीपींस का एक नागरिक कोरोना से मरा है, वह भी यहां आया था। इसीलिए ये जानने की कोशिश हो रही है कि तबलीगी जमात की गुस्ताखी की वजह से यह वायरस देश में तक पहुंच चुका है। क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर प्रवीर रंजन के मुताबिक अभी उनकी प्राथमिकता उन लोगों का पता लगाने की है, जो मरकज में आए थे या ऐसे लोगों के संपर्क में आ चुके हैं, ताकि उनकी जांच कराकर उन्हें क्वारंटाइन किया जा सके।












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