मौनी अमावस्या को 80 लाख श्रद्धालु लगाएंगे संगम में डुबकी

मेला क्षेत्र में बने दर्जन भर घाटों पर स्नान के लिए प्रशासन की तैयारी पूरी हो चुकी है। मंगलवार रात से ही भीड़ नियत्रित करने को लेकर जारी प्रतिबंध प्रभावी हो जाएगा।
मेला क्षेत्र में बने प्रशासनिक कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी राजशेखर ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए सभी स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मेला क्षेत्र को दो जोन और छह सेक्टरों में बांट दिया गया है। 34 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। संगम घाट पर ज्यादा भीड़ होने पर यहां से स्नानार्थियों को पांटून पुल नंबर एक से झूंसी की तरफ मोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि तीन पुलिस कंट्रोल रूम खोले गए हैं। इसमें से एक सेना का कंट्रोल रूम किले के प्रेसीडेंसी व्यू पर बनाया गया है, जहां से सेना पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखे हुए है। माघ मेला में आने वाली भीड़ को देखते हुए 28 जनवरी की रात से ही क्राउड कंट्रोल प्लानिंग प्रभावी हो जाएगी।
श्रीवास्तव ने बताया कि 28 जनवरी रात से लेकर 29, 30 व 31 जनवरी तक कानपुर व प्रतापगढ़ से भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहेगा।
इधर, 30 जनवरी को पड़ने वाले मौनी अमावस्या स्नान के लिए अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। उप्र के पड़ोसी राज्यों बिहार, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, तामिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से श्रद्घालुओं के आने का क्रम जारी है। प्रशासन का कहना है कि मौनी अमावस्या के दिन करीब 80 लाख लोग संगम में डुबकी लगाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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