चार साल से जिस बच्चे को माता-पिता समझ रहे थे बेटी, जांच में निकला बेटा
मुंबई। महाराष्ट्र में एक बच्चे का बेहद ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। दरअसल परिवार जिस बच्चे को चार साल से लड़की समझ रहा था लेकिन वह बच्चा एक लड़का निकला। मुंबई के रहने वाला चार वर्षीय अयमान मोहम्मद खान उर्फ अमन की मेडिकल रिपोर्ट से पता चला कि वह एक लड़का है। मिडे में छपी खबर के मुताबिक, बच्चे के गुणसूत्रों (क्रमोसोम्स) की जांच कराई गई थी। जिसमें पाया गया कि बच्चे के गुणसूत्रों का प्रारुप एक्सवाई (यानि पुरुषों वाला) है।

मालेगांव निवासी मोहम्मद अली खान को अगस्त 2013 में दूसरी बेटी हुई थी। लेकिन तीन साल बाद ही परिवार को पता चला कि यह लड़की नहीं है। वास्तव में यह लड़का है जो अविकसित जननांग के साथ पैदा हुआ है। जब उन्हें पता चला कि यह लड़की नहीं लड़का है तो वह हैरान हो गए। तब से, लिंग भ्रम के कारण, माता-पिता को यह भी नहीं पता कि बच्चे को क्या कहना है। कुछ उसे छोटू कहते हैं, जबकि कुछ लोग उसे छोटी कह कर बुलाते थे।
परिवार ने बच्चे को सेंट जार्ज अस्पताल में गुरुवार को जननांग पुनर्निर्माण सर्जरी के लिए भर्ती कराया है। परिवार वालों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो वह महाराष्ट्र में सबसे कम उम्र का जननांग पुनर्निर्माण का मरीज होगा। अयमान मोहम्मद खान के पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं। उन्होंने बताया कि, डॉक्टर ने सर्जरी की डेट दी है। फिलहाल बच्चें को हार्मोन बदलने वाली दवाएं दी जा रही हैं। ये दवाएं उसके चिकित्सक डॉक्टर रजत कपूर के निर्देश के अनुसार पिछले एक महीने से दी जा रही हैं।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि अमन को गुरुवार को भर्ती किया जा सकता है। उसके गुणसूत्र प्रारूप की जांच की गई और निष्कर्ष निकला कि वह लड़का है। पहली स्टेज में बच्चे के लड़कों की तरह जनंनाग विकसित किए जाएंगे। बच्चे के परिवार वालों ने अभी तक उसका आधार कार्ड नहीं बनवाया है। दरअसल जेंडर कंफ्यूजन के चलते वह उसका आधार कार्ड नहीं बनवा रहे थे।












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