सुप्रीम कोर्ट में एक और संविधान पीठ का गठन, नोटबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर सबसे पहले होगी सुनवाई
5 जजों की बेंच के समक्ष लंबित मामलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक और संविधान पीठ का गठन किया गया है। नई बेंच में जस्टिस एस अब्दुल नजीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामसुब्रमण्यम और बीवी नागरत्ना शामिल हैं।
नई दिल्ली, 27 सितंबर: 5 जजों की बेंच के समक्ष लंबित मामलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक और संविधान पीठ का गठन किया गया है। नई बेंच में जस्टिस एस अब्दुल नजीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामसुब्रमण्यम और बीवी नागरत्ना शामिल हैं। बेंच कल 5 मामलों पर विचार करेगी। दायर याचिकाओं में 500 और 1000 रुपये के नोटों को 2016 में बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं पीठ के समक्ष सबसे पहले इसे सूचीबद्ध किया गया है।

दूसरा मामला: क्या मंत्रियों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले भाषण की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है (कौशल किशोर बनाम उत्तर प्रदेश सरकार)
तीसरा मामला: क्या भारत के संविधान का अनुच्छेद 105/194 (2) संसद सदस्यों/विधान सभा के सदस्यों को प्रस्ताव या स्वीकृति से जुड़े अपराध के लिए मुकदमा चलाने से कोई छूट प्रदान करता है। विधायिका में वोट डालने के लिए रिश्वत ली? (सीता सोरेन बनाम भारत संघ)
चौथा मामला: सीआरपीसी की धारा-319 के तहत शक्तियों से संबंधित है (सुखपाल सिंह खैरा बनाम पंजाब)
पांचवां मामला: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (नीरज दत्ता बनाम राज्य, सीआरएलए 16669/2009) के तहत प्रश्नों से संबंधित है।
चौथी संविधान पीठ नई बेंच सुप्रीम कोर्ट में चौथी लाइव संविधान पीठ होगी। अन्य पीठों का नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एसके कौल कर रहे हैं। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी के नेतृत्व में एक और संविधान पीठ थी, जिसे पिछले सप्ताह उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भंग कर दिया गया था। तो सीजेआई यूयू ललित के कार्यकाल के दौरान अब तक कुल 5 संविधान पीठें हो चुकी हैं।
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