अलर्ट: 35 से ज्यादा संगठन 40,000 रोहिंग्या मुसलमानों को पश्चिम बंगाल में बसाने को तैयार
रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर देश में उठ रहे सुरक्षा के सवालों के बीच ही अब इंटेलीजेंस एजेंसियों की जो नई रिपोर्ट आई है, वह काफी चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में 35 से ज्यादा संगठन करीब 40,000 रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने की साजिश कर चुके हैं।
कोलकाता। रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर देश में उठ रहे सुरक्षा के सवालों के बीच ही अब इंटेलीजेंस एजेंसियों की जो नई रिपोर्ट आई है, वह काफी चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में 35 से ज्यादा संगठन करीब 40,000 रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने की साजिश कर चुके हैं। म्यांमार के रखाइन से हजारों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान संकट की वजह से देश छोड़कर जा रहे हैं। इन मुसलमानों को लेकर पूरी दुनिया में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

संगठन इकट्ठा कर रहे हैं पैसा
इंटेलीजेंस रिपोर्ट के मुताबिक 35 से ज्यादा ऐसे संगठन हैं जो इन रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने के लिए देश भर से पैसे इकट्ठा कर रहे हैं। इन मुसलमानों को पश्चिम बंगाल ,जम्मू, हैदराबाद समेत देश के दूसरे राज्यों में रहने वाले रोहिंग्या लोगों से अपील की जा रही है कि वो 24 परगना में आकर रहें। इंटेलीजेंस एजेंसियों की मानें तो इन संगठनों ने पिछले कुछ दिनों में ही देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 50 बार से ज्यादा गुप्त बैठक की है। एजेंसियों को इस बात का डर है कि रोहिंग्या लोगों की मदद के लिए कई जगहों पर ये संगठन पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और इन लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने की मांग कर रहे हैं। ये संगठन जम्मू, हैदराबाद, बांग्लादेश में रह रहे रोहिग्यां से कह रहे हैं कि अगर वो देश के किसी भी हिस्से में सुरक्षित महसूस न कर रहे हों तो वो पश्चिम बंगाल में आ कर रह सकते हैं। रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर लोगों को लेकर एजेंसियां अलर्ट हैं और उन्हें मदद पहुंचाने के लिए काम रहे इन संगठनों पर नजर बनाए हुए है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसी ही एक जानकारी इंटेलीजेंस एजेंसी ने गृह मंत्रालय को भी दी है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा था सरकार ने
पिछले वर्ष सितंबर में केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया गया था। इसमें कहा गया था कि ये मुसलमान देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं क्योंकि कई आतंकी संगठनों जिसमें आईएसआईएस भी शामिल है, उसके साथ इनके तार जुड़े हैं। केंद्र के हलफनामे में आगे कहा गया था कि कई रोहिंग्या मुसलमानों पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन आईएसआईएस के साथ जुड़े होने का शक है। इसके अलावा ये उन आतंकी संगठनों से भी संपर्क में हैं जो भारत के संवेदनशील इलाकों में हिंसा फैलाने की साजिश रच रहे हैं।












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