विश्व प्रसिद्ध ग्रेमी पुरस्कार की दौड़ में भारतीय शास्त्रीय संगीत का एलबम

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बेंगलुरू। विश्व प्रसिद्ध ग्रेमी अवार्ड के लिए भारतीय शास्त्रीय संगीत का एलबम "अनंता-मिस्ट्रीस ऑफ इंडिया" भाग -1 को आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन द्वारा 60वें ग्रेमी अवार्ड हेतु नामांकन के लिए भेजा गया था जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसे वर्ल्ड म्यूजिक एलबम के तहत लिया गया है। इसके एक ट्रेक गुरू स्रोत्र जिसे संगीत से संवारा है प. विक्कू विनायकम ने। इसमे तीन पीढ़ियों सेल्वगणेश विनायकम और स्वामीनाथन विनायकम और सिद्धार्थ भाटिया की प्रस्तुति है। इसे इंस्ट्रूमेंटल व वोकल श्रेणी में स्थान दिया गया है।

विश्व प्रसिद्ध ग्रेमी पुरस्कार की दौड़ में भारतीय शास्त्रीय संगीत का एलबम

विदित है कि अनंता को निर्माता सिद्धार्थ भाटिया ने महज 33 दिन में पूरे देश में भ्रमण करते हुए स्थानीय परम्परागत जीवंत प्रदर्शनों को बगैर इलेक्ट्रानिक उपकरणो की मदद के रिकार्ड किए। इसका संगीत तत्काल ही तैयार किया गया। इन सब के बावजूद अनंता में भारतीय शास्त्रीय संगीत की अक्षुण्यता और सहजता को बनाए रखा गया है।

अनंता का अर्थ है अनंत। एल्बम में विश्व के सबसे बड़े मूल भारतीय संगीत के 30 महान संगीतकारो के लगभग 300 मिनिट का भारतीय संगीत है। यह संगीत सुनने वाले को अपने अंदर की यात्रा करवाता है। देश के संगीत के इतिहास में पहली बार इतना वृहद संकलन लाया गया है और इसके पीछे एक महान सेवा कार्य भी छुपा है। इससे प्राप्त राशि गिफ्ट ए स्माईल परियोजना के तहत आर्ट ऑफ लिविंग फांण्डेशन की महती सेवा योजना जिसमें बच्चों की शिक्षा व्यवस्था की जाती है, के लिए प्रयुक्त की जा रही है।

अनंता एलबम वास्तव में स्वपरिभाषित करता है। इसका संगीत प्रेम, समर्पण और एक गहरे मौन को प्रदर्शित करता है। अनंता संगीत और आध्यात्मिक दुनिया के संगम को बखुबी प्रदर्शित करता है। गुरूदेव श्री श्री रविशंकर जी कहते हैं कि अनंता का अर्थ है जिसका कोई अंत नहीं। भारत ने दुनिया को दो चीज दी है एक शून्य और दूसरा अनंत। वे आगे कहते हैं, संगीत में यह क्षमता है कि वह विविध संस्कृतियों को जोड़ता है। और प्रत्येक धर्म जाति परम्परा देश में यह संस्कार अवश्य होते हैं कि वे एकता को उत्सव बना कर मना सकते है।

अनंता में ग्रेमी अवार्ड विजेता संगीतकार प. विक्कू विनायकम "घटम" पर हैं तथा प. विश्व मोहन भट्ट, वरिष्ठ वायलिन वादक, कला रामनाथ के अलावा कि संगीतकार जो ग्रेमी अवार्ड के लिए नामित हो चुके है जैसे यू राजेश मेंडोलिन पर, प.तेजेन्द्र नारायणा मजूमदार सरोद पर हैं। इनके साथ ही महान कलाकार प. जसराज, अरूणा साइराम, उस्ताद शाहिद परवेज खान, उस्ताद राशिद खान, लाईफ ऑफ पाई की आस्कर विजेता जयश्री और युवा कलाकार जैसे प्ररबियन चटर्जी सितार पर, कोशिकी चक्रवर्ती वोकल पर, राजेश वैद्य वीना पर, राकेश चौरसिया बांसूरी पर है। बॉलीवुड से हरिहरन, के एस चित्रा व जावेद अली भी संगत के रहे हैं।

इस एल्बम में हरेक स्वाद का संगीत है। मां के लिए अभिव्यकित है तो कहीं गहरी ध्यानस्थ करने वाले मंत्रोच्चार है। इसका संगीत सुनने वाले को कर्णप्रिय होने के साथ अव्यक्त खुशी का आभास कराता है। यहां यह बताना जरूरी है कि आर्ट ऑफ लिवींग फाउंडेशन गिफ्ट ए स्माईल परियोजना के तहत अभी तक 58000 जरूरतमंद बच्चों कौ देश भर में फैले 435 स्कूलों के माध्यम से शिक्षा दे चुका है। यह सब गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

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English summary
30 Indian Maestros 5 hours of music A Grammy nomination

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