विनाशकारी बाढ़ से बेहाल हुआ नॉर्थ ईस्ट, अब तक 23 की मौत
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नई दिल्ली। इन दिनों नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते बाढ़ का कहर जारी है। इस विनाशकारी बाढ़ से नॉर्थ ईस्ट में पिछले 24 घंटे में छह लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बाद मरने वालों की आंकड़ा बढ़कर 23 पर पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, असम में शनिवार से पांच और लोगों की मौत हो चुकी है जबकि मणिपुर में एक व्यक्ति की जान चली गई। अमस में लगातार हो रही बारिश से राज्य के कई इलाकों की स्थिक बेहद ही खराब हो गई है।

राज्य में लगातार हो रही बारिश से राजधानी गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 2-3 दिनों में खतरे के निशान को पार करने का अनुमान है। इस विनाशकारी बाढ़ से कार्बी आंगलोंग पश्चिम , गोलाघाट , करीमगंज , हैलाकांडी और कछार जिलों में 4.48 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए है। शनिवार से बाढ़ के कारण उधरबोंद में दो लोगों और कछार जिले के सदर राजस्व मंडल में एक व्यक्ति की मौत हो गई। हैलाकांडी और करीमगंज जिलों में हैलाकांडी तथा सदर राजस्व मंडलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( एएसडीएमए) के अनुसार, प्रशासन पांच जिलों में 481 राहत शिविर और वितरण केन्द्र चला रहा है जहां 1,73,245 लोग इस समय शरण लिए हुए हैं। वहीं असम और त्रिपुरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारतीय वायु सेना ने अबतक 8 टन राहत सामग्री बांटी है।एएसडीएमए ने बताया कि 716 गांव बाढ़ की चपेट में है और 3,292 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा ने बताया कि बंदरखल दमचारा स्टेशन के बीच भूस्खलन के कारण लुमडिंग-बदरपुर खंड पर ट्रेन सेवा ठप है। वहीं मणिपुर में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंफाल में आज सुबह बारिश में कमी आई लेकिन थोउबल, इंफाल वेस्ट और बिष्णुपुर में स्थिति में अब भी सुधार नहीं हुआ है। राज्य में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए मकानों की संख्या बढ़कर 22,624 हो गई है. बाढ़ से 1.8 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
उधर त्रिपुरा में बाढ़ से बने हालात में कुछ सुधार हुआ है जबकि राज्यभर के 189 राहत शिविरों में अब भी 40 हजार से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं।












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