• search

17 पार्टियों ने चुनाव आयोग से की अपील, 2019 में बैलेट पेपर से हो मतदान

By Rahul Kumar
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। देश में पिछले काफी समय से ईवीएम की पारिदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। देश की कई राजनीतिक पार्टियां लगातार बैलेट पेपर से मतदान कराए जाने की मांग कर रही हैं। गुरुवार को देश की 17 राजनीतिक पार्टियों ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग को एक संयुक्त पत्र सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि , आयोग 2019 का चुनाव बैलेट पेपर से कराए। बताया जा रहा है कि इन पार्टियों ने मांग न मानें जाने पर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है।

     Election Commission

    बैलेट पेपर से चुनाव की मांग करने वाली पार्टियों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भी शामिल हैं। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों का आरोप है कि मतदान के दौरान ईवीएम छेड़छाड़ की गई थी। देश में फिर से मतदान बैलेट पेपर से शुरू किए जाएं।

    जून में देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ पी रावत ने चुनावों के लिए बैलेट पेपर को वापस लाने की सभी संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा था कि ईवीएम को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, क्योंकि मशीनें बोल नहीं सकतीं' और राजनीतिक दलों को अपनी हार के लिए किसी न किसी को जिम्मदार ठहराने की जरूरत होती है।

    उन्होंने दावा किया कि भारत में मुक्त व निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया ने विश्व को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, यह प्रशंसा योग्य बात है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के बावजूद, चुनाव आयोग कुछ ही घंटों में परिणाम देने में सक्षम है। आपको बता दें कि ईवीएम में लगातार आ रही गड़बड़ियों के बाद आयोग ने वीवीपीटी मशीने लगाई थी।

    उड़ीसा: भारत में बनी बैलेस्टिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    17 political parties to approach Election Commission, demanding 2019 general elections be conducted on ballot paper

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more