India-China: 16 बिहार रेजीमेंट के नए CO ने संभाला मोर्चा, चीन के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हो गए थे कर्नल बाबू
नई दिल्ली। 15 जून को गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में 16 बिहार रेजीमेंट ने अपने कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल संतोष बाबू को खो दिया। कर्नल बाबू के साथ इस टकराव में 20 सैनिक शहीद हो गए थे। अब खबरें हैं कि बिहार रेजीमेंट को नया कमांडिंग ऑफिसर मिल गया है। रेजीमेंट के नए सीओ ने ज्वॉइन कर लिया है और अब वह हालातों पर नजर रख रहे हैं। भारत और चीन के बीच 15 जून को जो हिंसा हुई ऐसी घटना एलएसी पर 45 साल बाद देखने को मिली है।

जवानों में नए CO ने भरा जोश
इंडिया टुडे की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया है कि नए सीओ ने ऑफिस संभाल लिया है। पिछले दिनों इन सीओ को कर्नल की रैंक पर प्रमोशन मिला है और जिस समय घटना हुई थी उसी समय उनका प्रमोशन हुआ। पहले उन्हें दूसरी बटालियन को कमांड करना था लेकिन सेना ने फैसलर किया कि 16 बिहार को यूनिट से ही कोई ऑफिसर देना चाहिए। जो सैनिक घायल थे अब उन्होंने भी ड्यूटी ज्वॉइन कर ली है। घायल सैनिकों का इलाज लेह स्थित 153 जनरल हॉस्पिटल में चल रहा था। इसके अलावा कुछ घायल जवान फील्ड हॉस्पिटल में भी भर्ती थे। नए सीओ ने अपने जवानों का मनोबल बढ़ाया है और उनमें हर स्थिति में दृढ़ निश्चित रहने का जोश भरा है।
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कर्नल बाबू को भूलना मुश्किल
जवान अपने पुराने सीओ कर्नल बाबू को बहुत मिस करते हैं। कर्नल बाबू को जवानों का सम्मान हासिल था। जो 20 सैनिक शहीद हुए थे उनमें से 12 बिहार, तीन आर्टिलरी रेजीमेंट्स और एक माउंटेन सिग्नल यूनिट के थे। 15/16 जून को 16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल संतोष बाबू और उनके साथी जवानों पर चीनी सैनिकों ने तेज धारदार हथियार का प्रयोग किया था। इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि शहीद सैनिकों के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर भी थे। सभी सैनिकों ने बहुत ही बहादुरी के साथ चीनी जवानों के हमले का सामना किया और उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत और चीन के सैनिकों के बीच हैंड-टू-हैंड कॉम्बेट जिस जगह पर हुई वह काफी संकरी है और यहां पर कई घंटों तक सैनिक आपस में लड़ते रहे।

अपने सीओ पर हमले से गुस्सा गए थे जवान
16 रेजीमेंट के जवान उस समय आक्रामक हो गए थे जब सीओ कर्नल बाबू और दो जवानों चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय जवानों ने पूरे जोश के साथ हमला बोला। घायल जवानों ने अस्पताल के स्टाफ को बताया कि चीनी सैनिकों के पास जो कुछ भी था, उन्होंने उसे छीन लिया और फिर उन पर पूरी ताकत के साथ हमला बोला था। गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद करीब 230 किलोमीटर दूर लेह से सेना ने बड़े स्तर पर जवानों के मूवमेंट का ऑर्डर जारी किया। एलएसी पर चीनी जवानों की भारी संख्या को देखते हुए इंडियन आर्मी ने भी तैनाती बढ़ा दी है।

कुछ सैनिकों को बनाया था बंदी
ऐसी खबरें भी आई थीं कि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) ने कुछ सैनिकों को चीन ने बंदी बना लिया था। इन सैनिकों को चीन ने 18 जून को रिहा किया था।सेना सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया था कि कोई भी सैनिक गायब नहीं है। जिन सैनिकों को चीन ने रिहा किया है उसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और तीन मेजर रैंक के ऑफिसर भी शामिल हैं। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इन सैनिकों को गुरुवार शाम करीब पांच बजे रिहा किया गया है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि किसी भी सैनिक को चीन ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। सेना ने यह भी कहा है कि जवानों के पास हथियार थे और वो बिना हथियार के पेट्रोलिंग नहीं कर रहे थे।












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