Independence Day: 76वां या 77वां कौन सा है स्वतंत्रता दिवस? क्यों लोग हुए कन्फ्यूज?
Independence Day: पूरा भारत इस वक्त अपने 'स्वतंत्रता दिवस' के जश्न को मनाने की तैयारी कर रहा है। '15 अगस्त' केवल एक पर्व नहीं बल्कि हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है क्योंकि इस दिन भारत माता को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली थी।

ये दिन है त्याग का, समर्पण का और देशप्रेम का, इस आजादी के लिए ना जानें कितनी मांओं की गोद सूनी हुई थी और ना जानें कितनी सुहागिन महिलाओं ने अपना सुहाग खोया था।
76वां या 77वां कौन सा है स्वतंत्रता दिवस?
लेकिन इस बार इस पर्व को लेकर थोड़ा सा कन्फ्यूजन हो गया है, दरअसल पिछले साल देश ने आजादी का 'अमृत महोत्सव' (75वां) मनाया था इसलिए लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि इस बार देश 76वां या 77वां , कौन सा 'स्वतंत्रता दिवस' मनाने जा रहा है? तो चलिए आपका संदेह हम दूर कर देते हैं।
76वीं सालगिरह और 77वां स्वतंत्रता दिवस
दऱअसल भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था और 15 अगस्त 1948 को आजादी की पहली सालगिरह थी। तो इस हिसाब से इस बार देश आजादी की 76वीं सालगिरह और 77वां 'स्वतंत्रता दिवस' मनाएगा।
लालकिले पर देश के प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं
आपको बता दें कि 'स्वतंत्रता दिवस' के दिन लालकिले पर देश के प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं और इसको फहराने का तरीका भी अलग होता है।
ध्वजारोहण यानी कि Flag Hoisting
दरअसल 15 अगस्त को जो झंडा फहराया जाता है, उसे 'ध्वजारोहण' यानी कि Flag Hoisting कहा जाता है और इसे पहले ऊपर की ओर खींच जाता है और फिर फहराया जाता है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसी दिन अंग्रेजों ने अपना झंडा उतारकर हमारे 'तिरंगे' को ऊपर चढ़ाया था।
गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने लिखा था राष्ट्रगान
और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े सारे कार्यक्रम लाल किले पर आयोजित किए जाते हैं। आपको बता दें कि तिरंगा' फहराने के बाद 'राष्ट्रगान' होता है। जिसे को 'गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर' ने लिखा था और इसकी अवधि 52 सेकंड है।इसके बाद देश के पीएम लालकिले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हैं।












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