वेंटिलेटर नहीं मिलने की वजह से 13 साल की मासूम बच्ची की सफदरगंज अस्पताल में मौत
नई दिल्ली। दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में 13 साल की बच्ची की मृत्यु के बाद परिवार ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि वेंटिलेटर नहीं मिलने की वजह से उनकी बच्ची की मौत हुई है। बच्ची को 7 फरवरी को ब्रेन डैमेज की समस्या के बाद न्यूरोसर्जन विभाग में भर्ती कराया गया था। लड़की के पिता विनोद कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने उनसे कहा था कि उसका जल्द से जल्द ऑपरेशन किया जाना है, लेकिन हमे ऑपरेशन की तारीख नहीं दी गई, जिसके बाद 1 मार्च को उसका ऑपरेशन किया गया। शुरुआत में उसकी तबियत ठीक हो रही थी, लेकिन सोमवार को उसकी तबियत काफी बिगड़ गई।

अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
विनोद कुमार ने बताया कि जो डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे, उन्होंने जूनियर डॉक्टर से कहा था कि वह बच्ची का कुछ टेस्ट करा लें, लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया, जिसके बाद उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बच्ची के पिता राजगीर का काम करते हैं, उन्होंने आरोप लगाया है कि हमे एंबु बैग दिया गया था जिसे दबाकर सांस दिए जाने को कहा गया था, उन्होंने इसे कई घंटो तक किया। लेकिन बच्ची बेहोश हो गई और उसके हाथ ठंडे पड़ने लगे, जिसके बाद मैंने डॉक्टर को बुलाया।
नहीं मिला वेंटिलेटर
जब हमने डॉक्टर को बुलाया तो उन्होंने बताया कि आपकी बेटी अब नहीं रही। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि ड्युटी पर डॉक्टर ने उनपर ध्यान नहीं दिया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। हालांकि अस्पताल का कहना है कि इस तरह की लापरवाही की कोई घटना नहीं हुई है। अस्पताल में हाल ही में वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाई गई है। अस्पताल में सोमवार को किसी की मृत्यु नहीं हुई है, बच्ची का परिवार उसे दूसरे अस्पताल ले गया था।
अस्पताल में हुई मौत
हालांकि अस्पताल की ओर से जो रसीद दी गई है उसमे कहा गया है कि लड़की को अस्पताल में भर्ती किया गया था और 5 मार्च को उसका निधन हो गया था। घटना के बाद परिवार का कहना है कि मैं अपनी बच्ची के लिए नए कपड़े लेकर आया था, जब उसकी तबियत ठीक हो रही थी, लेकिन अब वह उसे कभी नहीं पहनेगी। अब वह चली गई है और मैं इस बात का भरोसा नहीं कर सकता हूं कि वह हमारे बीच नहीं रही।












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