दक्षिण अफ्रीका साथ चीता को लेकर हुआ बड़ा समझौता, जल्द आएंगे 12 नए मेहमान
भारत में जल्द ही 12 और चीता आएंगे। इसको लेकर दक्षिण अफ्रीका की सरकार के साथ भारत ने समझौता किया है। अगले 10 साल के लिए चीतों को लेकर यह समझौता हुआ है।

भारत में एक दर्जन और चीता लाने की तैयारी हो रही है। भारत सरकार ने दक्षिण अफ्रीका के साथ दर्जनों चीता को लेकर समझौता किया है। दोनों देशों के बीच इसको लेकर एमओयू साइन किया गया है, जिसके तहत दर्जनों अफ्रीकी चीता अगले 10- साल में भारत लाए जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका के पर्यावरण विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शुरुआती 12 चीतों का बैच फरवरी 2023 में भारत भेजा जाएगा। इन चीताओं को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा। जहां पहले से ही अफ्रीका के 8 चीतों को रखा गया है, जिन्हें नामीबिया से लाया गया था। जो समझौता हुआ है उसके तहत हर साल 12 चीते अगले 10 साल तक भारत लाए जाएंगे।
दक्षिण अफ्रीका के पर्यावरण मंत्री बार्बरा क्रीसी ने पिछले साल नवंबर माह में भारत के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। दोनों देशों के बीच इसको लेकर आधिकारिक समझौते का इंतजार हो रहा था, जोकि अब पूरा हो गया है। एक शीर्ष अधिकारी ने पिछले साल सितंबर माह में बताया था कि 9 चीतों को दक्षिण अफ्रीका के रूबर्ग वेटनरी सर्विसेज में क्वारेंटीन किया गया है, जबकि तीन चीतों को फिंडा गेम रिजर्व में क्वारेंटीन किया गया है। उसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि इन चीतों को भारत लाया जाएगा।
इन चीतों को भारत लाने के लिए भारत से एक दल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका जाएगा। इन 12 चीतों के भारत आने के साथ इसकी कुल संख्या 20 हो जाएगी। 8 चीतों में 5 मादा और 3 नर हैं, जिन्हें कूनो नेशनल पार्क में पिछले साल 17 सितंबर को छोड़ा गया था। गौर करने वाली बात है कि भारत में चीता तकरीबन लुप्त हो गया था। जिसके बाद सरकार ने 1952 में इस विलुप्त घोषित कर दिया था। लेकिन एक बार फिर से भारत में इन्हें लाने की कोशिश की जा रही है। 1970 में भारत सरकार ने इसको लेकर प्रयास शुरू किया था। इसको लेकर नामीबिया के साथ समझौता हुआ था। बाद में नामीबिया ने 8 चीतों को भारत को डोनेट किया था।












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