तेलंगाना सरकार मिलों के अलावा अन्य भंडारण स्थलों में भी करेगी धान संग्रहित
हैदराबाद, 27 सितंबर। तेलंगाना की केसीआर सरकार ने खरीफ धान के भंडारण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब सरकार मिल मालिकों पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) को समय पर कस्टम मिल्ड चावल (CMR) की आपूर्ति करने का दबाव बनाने के लिए नागरिक आपूर्ति विभाग ने कई बिंदुओं पर विचार किया है। ऐसे में इस सीजन में खरीदे जाने वाले धान को चावल के बजाय विभिन्न बिंदुओं पर संग्रहीत करने का निर्णय लिया है।

इसी क्रम में नागरिक आपूर्ति मंत्री गंगुला कमलाकर ने राज्य में कई चावल मिलों द्वारा सीएमआर आपूर्ति में अत्यधिक देरी के मुद्दे की समीक्षा के लिए सोमवार को यहां नागरिक आपूर्ति निगम के जिला आपूर्ति अधिकारियों, जिला प्रबंधकों के साथ बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि सीएमआर की आपूर्ति में देरी से विभाग को 2019-20 और 2020-21 सीज़न के लिए ₹700 करोड़ से अधिक की लागत आई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि दो वर्षों से लगभग 2 लाख टन सीएमआर बकाया था।
वहीं, 2021-22 से संबंधित सीएमआर की एक समान मात्रा भी मिल मालिकों से देय थी। जबकि, एफसीआई द्वारा इसकी आपूर्ति के लिए निर्धारित विस्तारित समय सीमा 31 अगस्त को समाप्त हो गई थी। ऐसे में राज्य सरकार ने केंद्रीय एजेंसी से बकाया की आपूर्ति के लिए एक और महीने की छूट समय का अनुरोध किया है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
मामले में नागरिक आपूर्ति विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि कुछ मिल मालिक विभाग को एफसीआई के सामने रखने के लिए जानबूझकर सीएमआर की आपूर्ति में देरी कर रहे हैं। ऐसे में इस वर्ष खरीफ विपणन सीजन में खरीदे जाने वाले धान को चावल मिलों के अलावा अन्य भंडारण बिंदुओं पर स्टोर करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा फैसला मिल मालिकों पर समय पर सीएमआर आपूर्ति करने के लिए किया गया है।












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