तेलंगाना पर बंद और विरोध का दौर जारी, जगन का बेमियादी अनशन आज से

केंद्रीय मंत्रिमंडल के पृथक तेलंगाना गठन के फैसले के विरोध में विरोध तेज हो गया। क्षेत्र के कुछ केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने अपने इस्तीफे की घोषणा की। 48 घंटे के बंद के कारण सीमांध्र (रायलसीमा व तटीय आंध्र) के सभी 13 जिलों में दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व शैक्षिक संस्थान बंद रहे और सड़कों पर वाहन नहीं दिखे।
वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने शनिवार से यहां अनिश्चितकालीन भूखहड़ताल की घोषणा की, तो तेलुगू देशम पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार से नई दिल्ली में आमरण अनशन करने का ऐलान किया है। कांग्रेस सांसद वी हनुमंत राव और तेलंगाना समर्थक कुछ और नेताओं ने पुलिस प्रमुख प्रसाद राव से मुलाकात कर जगन को भूखहड़ताल करने की अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया है। तेलंगाना के वकीलों की संयुक्त कार्रवाई समिति ने जगन की भूखहड़ताल में बाधा डालने की धमकी दी है।
प्रदर्शनकारियों ने 'जय समेक्य आंध्र' के नारे लगाते हुए कांग्रेसी नेताओं के पुतले फूंके और विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, तिरुपति, अनंतपुर, कुरनूल और अन्य शहरों की जिंदगी में ठहराव ला दिया। विजयनगरम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायण के कैंप कार्यालय पर हमला बोलने वाली भीड़ को तितर-बितर करने के लए पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारी यहां बोत्सा के कार्यालय के समीप धरना देकर बैठ गए हैं। विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम में बिजली उत्पादन थम गया है, क्योंकि यहां के कर्मचारी 48 घंटों के बंद में शामिल हो गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि इससे कुछ जिलों में विद्युत आपूर्ति पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।












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