कौन हैं कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह? जानें क्यों छोड़ा उन्होंने अपना पद, कितनी संपत्ति के हैं मालिक
हिमाचल प्रदेश के मंत्री और कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने आज, 28 फरवरी को अपने मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा, स्पष्ट बहुमत के बावजूद राज्य में राज्यसभा चुनाव हारने के एक दिन बाद दिया है।
विक्रमादित्य सिंह ने सरकार में कांग्रेस विधायकों की आवाज दबाने और उनकी अनदेखी करने का भी आरोप लगाया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार उनके पिता की मूर्ति के लिए जगह तक नहीं ढूंढ पाई।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर अपने पिता और पहाड़ी राज्य में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता दिवंगत वीरभद्र सिंह का अनादर करने का आरोप लगाया है।
कौन हैं विक्रमादित्य सिंह?
विक्रमादित्य सिंह हिमाचल कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह और हिमाचल प्रदेश के दिवंगत पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे हैं। पिछले महीने, उन्होंने अयोध्या में उत्सव में भाग लेकर राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह पर कांग्रेस नेतृत्व के रुख को खारिज कर दिया था। अयोध्या में, उन्हें भाजपा के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार का राज्य अतिथि घोषित किया गया था।
1989 में जन्मे विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। विक्रमादित्य सिंह भूतपूर्व बुशहर रियासत के राजा हैं। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की है। साल 2016 में उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से मास्टर ऑफ आर्ट्स (इतिहास) और साल 2011 में हंस राज कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री ली है।
वह दो बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। वह 2013 और 2017 के बीच हिमाचल प्रदेश राज्य युवा कांग्रेस के प्रमुख थे। 2022 में उनके द्वारा जारी किए गए संपत्ति के ब्योरे के अनुसार वो 101 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक है। साथ ही साथ उनके पास 1 करोड़ से ऊपर की देनदारियां भी हैं। उनके ऊपर 11 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।












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