पढ़िए, धूमल को कैबिनेट मंत्री बनाने के पीछे क्या है शाह की रणनीति?
मोदी कैबिनेट का विस्तार रविवार को होने जा रहा है। इससे पहले शनिवार को यह कार्यक्रम होना था।
शिमला। हिमाचल भाजपा में आने वाले चुनावों से पहले गुटबाजी को विराम देने के मकसद से ही पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता प्रेम कुमार धूमल को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला लिया है। मोदी कैबिनेट का विस्तार रविवार को होने जा रहा है। इससे पहले शनिवार को यह कार्यक्रम होना था।

हिमाचल भाजपा की गुटबाजी खत्म करने का दांव
आलाकमान के इस कदम से साफ हो गया है कि आने वाले चुनाव जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में ही लड़े जायेंगे। स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। नड्डा फिलहाल केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हैं लेकिन किसी भी समय वह अपना इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नड्डा को सतपाल सत्ती की जगह प्रदेश भाजपा की कमान सौंपने की तैयारी चल रही है। पार्टी नड्डा को प्रदेश की कमान सौंपने के लिये सक्रिय हो गई है।

नड्डा के लिए किया रास्ता साफ
पार्टी में आ रहे इस बदलाव को देखते हुये समझा जा सकता है कि पार्टी आने वाले चुनावों के लिये कितनी गंभीर है। प्रदेश भाजपा में पिछले कुछ अरसे से धूमल समर्थक भी पशोपेश में थे कि उनके नेता को पार्टी की कमान इस बार मिलेगी कि नहीं। प्रदेश में नड्डा के हो रहे दौरों से यह संदेश जा रहा था कि अगले चुनावों के लिये पार्टी नड्डा को ही आगे करेगी। अमित शाह ने अपने पालमपुर दौरे के दौरान भी धूमल के बजाय नड्डा को तरजीह दी थी।

सीएम के चेहरे को सामने रख भाजपा लड़ेगी चुनाव
वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार का भी प्रयास रहा है कि इस बार नड्डा को आगे रखकर ही पार्टी चुनाव लड़े। पार्टी को अपने स्तर पर मिले फीडबैक में भी यही संदेश था कि भाजपा में गुटबाजी खत्म करने के लिये प्रदेश में नड्डा या धूमल में से एक को ही रहने दिया जाये। भाजपा अगले चुनावों के लिये भावी सीएम को सामने रखकर ही चुनाव लड़ने की नीति पर चल रही है जिसके तहत गुजरात व कर्नाटक में नेतृत्व का मसला पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है। लिहाजा अब हिमाचल में भी साफ हो गया है कि अगले चुनाव में धूमल नेता नहीं होंगे व उन्हें अब अपना रोल मोदी सरकार के साथ ही निभाना है।

धूमल से पीएम मोदी की नजदीकियां
धूमल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ नजदीकियां रही हैं। इसी के चलते धूमल को तरजीह मिली हलांकि इससे पहले सांसद अनुराग ठाकुर का नाम आगे चल रहा था। अनुराग ठाकुर को मोदी कैबिनेट में राज्यमंत्री बनाये जाने की बात थी लेकिन अब धूमल को कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है। धूमल रविवार को अशोका हाल में 11 बजे कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उधर जगत प्रकाश नड्डा को भी इस बदलाव से अच्छी खासी राहत मिलने वाली है चूंकि अब उन्हें प्रदेश में खुला हाथ मिलेगा।

हिमाचल के सीएम रह चुके हैं धूमल
प्रेम कुमार धूमल 10 अप्रैल 1944 को गांव समीरपुर जिला हमीरपुर में पैदा हुए। इनकी प्रारंभिक शिक्षा मिडिल स्कूल भगवाड़ा में हुई और मैट्रिक डीएवी हाई स्कूल टौणी देवी, जिला हमीरपुर से की। 1970 में इन्होंने दोआबा कालेज जालंधर में एमए इंग्लिश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इन्होंने पंजाब, विश्वविद्यालय (जालंधर) में प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। तत्पश्चात दोआबा कालेज जालंधर चले गए। नौकरी करते हुए इन्होंने एलएलबी किया। 1984 में धूमल ने संसदीय चुनावों में भाग लिया और पराजित हुए, किंतु 1989 में हमीरपुर से विजयी हुए। 1991 में पुन: हमीरपुर की लोकसभा सीट से विजयी हुए तथा हिमाचल प्रदेश की बीजेपी इकाई के अध्यक्ष बने। 1996 के लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद 1998 के विधानसभा चुनावों में बमसन क्षेत्र से जीतकर प्रदेश में भाजपा-हिविंका गठबंधन के मार्च 1998 से मार्च 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। दिसंबर 2007 से दिसंबर 2012 तक वह मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे। इस समय भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में हिमाचल प्रदेश विधानसभा की हमीरपुर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।












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