वीरभद्र की हसरत हुई पूरी, पिता-पुत्र एक साथ विधानसभा में पहुंचे
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस में पार्टी की सत्ता से बेदखली के बाद मायूसी का आलम तो है लेकिन वीरभद्र सिंह व उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह की एक साथ मिली जीत से उनके निजी आवास होली लॉज में जश्न का महौल है। विधानसभा चुनाव में पिता और पुत्र की जीत पर निवर्तमान सीएम के शिमला स्थित आवास में ढोल-नगाड़ों की ताल पर जमकर कांग्रेसी कार्यकर्ता झूमे। हलांकि पिता-पुत्र के जीतने की इस खुशी में कांग्रेस की सत्ता से बाहर होने की मायूसी भी कार्यकर्ताओं में नजर आई। होली लॉज में जश्न तो हुआ लेकिन कार्यकर्ताओं में जोश कम देखने को मिला। कारण यह था कि कांग्रेस इस बार सत्ता से बाहर हुई।

भावुक होकर बेटे को गले लगाया
विक्रमादित्य सिंह की विधानसभा में एंट्री के साथ ही वीरभद्र सिंह की बेटे को विधायक बनता देखने की हसरत भी पूरी हो गई। चुनाव नतीजे आने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने विक्रमादित्य सिंह को आशीर्वाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी हो गए व अपने बेटे को गले भी लगाया।

विक्रमादित्य सिंह की राजनीतिक पारी शुरू
प्रदेश की राजनीति में सबसे लंबी पारी खेलने वाले सीएम वीरभद्र सिंह की अगली पीढ़ी के तौर पर उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह की राजनीतिक पारी शिमला ग्रामीण से शुरू हो ही गई। अभी तक युवा कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पार्टी को सेवाएं दे रहे विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण से 4850 वोटों से जीत दर्ज करवाने में सफल रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह पहली बार चुनावी मैदान में थे। उनके सामने जहां पिता वीरभद्र सिंह का साथ था, वहीं अपनी ही पार्टी में चुनौतियां भी अपार थी बावजूद इसके वह इस चुनावी समर में अपनी नैया पार लगा गए।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा
वीरभद्र सिंह के लिए सत्ता से बाहर होने के बाद भी सुखद पहलू यह है कि वह अपने बेटे विक्रमादित्य सिंह को विधानसभा की दहलीज पार कराने में सफल रहे हैं। अब विधानसभा में पिता पुत्र की जोड़ी एक साथ दिखाई देगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह शिमला ग्रामीण के मुद्दों को विधानसभा सदन में प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों से ही उनकी जीत संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनी लेकिन वह क्षेत्र की हर समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे। विक्रमादित्य सिंह ने शिमला ग्रामीण के मतदाताओं का आभार भी व्यक्त किया। वह पहली बार विधानसभा का चुनाव जीते हैं।












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