जंगलों में कितने भालू और तेंदुए हैं, पता करने के लिए 20 साल बाद गिनती कराएगा वन विभाग
शिमला। दुनियाभर में घटते जंगलों के कारण वन्यजीवों की संख्या भी घट रही है। हालांकि, कुछ वन्यजीव ऐसे हैं, जिनकी तादाद भारत में अब भी अच्छी-खासी हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में तेंदुए आए-रोज नजर आते रहते हैं। वहीं, गीदड़, मृग और नीलगाय भी हजारों की संख्या में हैं। भालू कम दिखते हैं, या फिर कुछ राज्यों में ये बचे भी नहीं हैं। हिमाचल में भालू-तेंदुए कितने बचे होंगे, इसका अंदाजा लगाने के लिए वन विभाग सर्वे कराएगा।

हाल ही में वन विभाग ने जियोलॉजिकल सर्वें ऑफ़ इंडिया (जीआईएस) को पत्र लिख कर तेंदुए और काले भालू का सर्वे करने का आग्रह किया, जिसे मंजूर कर लिया गया है। अब सर्वे टीम जल्द हिमाचल आएगी और फिर भालू-तेंदुए की गणना का काम शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि, यह टीम एक साल तक काम करेगी। हिमाचल में 20 साल बाद तेंदुए और काले भालू का सर्वे होगा।

इस काम में 65 लाख रुपए खर्च हो सकते हैं, वनविभाग ने इसका एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल अनिल ठाकुर के मुताबिक, विभाग के पास अभी तक काले भालू और तेंदुए की संख्या और स्वभाव संबंधी सही और सटीक जानकारी नहीं है। ऐसे में अब 20 साल बाद तेंदुए और काले भालू का सर्वे करवाया जा रहा है। इन जानवरों की गणना करने के लिए कैमरा ट्रैकिंग सिस्टम की मदद ली जाएगी। इसके अलावा डीएनए सैंपलिंग से भी गणना की जाएगी।

भारत में कहां कितने तेंदुए हैं?
केन्द्रीय पर्यावरण-वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नेशनल सर्वे-रिपोर्ट जारी करते हुए बताया था कि, भारत में सबसे ज्यादा तेंदुए मध्य प्रदेश में हैं, जो कि 3,421 तेंदुओं के साथ कुछ ही सालों में सूची में पहले नंबर पर आ गया है। इसके अलावा कर्नाटक में 1783 और महाराष्ट्र में 1690 तेंदुए पाए गए। वहीं, पूरे भारत में 12,852 तेंदुए बताए गए। जिनकी तादाद में 60% से ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई। इससे पहले 2014 में वन्यजीवों की गणना की गई थी। 2014 में देश में 7,910 तेंदुए थे।












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